Author Topic: तनहा मै...  (Read 663 times)

Offline Chottya

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तनहा मै...
« on: August 05, 2015, 04:31:19 PM »
तेरी रज़ा मेरी रज़ा के बाद किसी और के हां की गुंजाईश ही कहा थी..
वो तो तुम्ही ने तवज्जो दी दुनिया के दस्तुरो को..
वरना इश्क मे तनहा रहने की ख्वाहिश ही कहा थी....

- Chottya...

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