Author Topic: ना रह पाएंगे तेरे इश्कसे...  (Read 1455 times)

Offline Ravi Padekar

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  • प्रयत्न लिहिण्याचा, स्वतः ला व्यक्त करण्याचा...
एक नवीन प्रयत्न.... कविता बनविण्याचा.. please suggest me...

कुछ छिन गया है हाथोसे
कयू दूर किया हमे तुमसे
कैसे जिएंगे हम
घुटघुटकर दमसे,
ना रह पाएंगे तेरे इश्कसे...

ऐसा कोई दिन ना हो,
ना देखा हो तेरा चेहरा
ऐसी कोई रात ना हो,
ना देखा हो सपना तेरा

तेरी यादो मे,
अब भूक ना लगे हमको
इन रातो मे,
अब निंद ना लगे हमको

ना है दिल शिशे का
ना ही झुठे प्यार का
है खेल सब किस्मत का
तेरी मेरी चाहत का
कया हो गयी गलती हमसे
ना दूर करो हमे तुमसे...!!

                                 
                                                      कवि:- रवी पाडेकर (8454843034)
                                                      मुंबई, घाटकोपर