Author Topic: तुझी आठवण  (Read 2317 times)

Offline Sameer Nikam

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तुझी आठवण
« on: September 21, 2012, 02:43:31 PM »
गेलीस  तू  माझ्या  पासून  खूप  दूर
तरीही  जीवाला  कसली  हि  हूर हूर ..

इतक्या  सुंदर  मुली  असतानाही  तुझ्यात  मी  रमलो
तुझ्या  खोट्या  गोजिरवाण्या  रुपाला  मी  फसलो

विसरायचे  आहे  तुझे  ते  रूप .. विसरायचे  आहे  तुझे  ते  रूप
तरीही  नाही  मिटत  मनाची हि  भूक

कुठे  रमवू मी  स्वताला… कुठे  रमवू मी  स्वताला…
नाही  काळात  माझ्या  या  वेड्या  मनाला

जाशील  तू  माझ्या  मनातून  खूप  दूर
जेव्हा  माझ्या  अश्रूचा  येईल  पूर

काय  करू  काही  कळेना ……
तुझ्या  आठवणी  काही  केल्या  जाईना

रात्रीच्या  काळोखात  मी  ढसा ढसा रडलो
क्षणभर थांबून  पुन्हा  तुझ्या  आठवणीत  मी गुंतलो


विसरावे  तुला  म्हणून  रात्र  भर  ओढला  सिगारेट  चा  कश ..
पण  पहाट  होता  होता  नाही  उरला  माझ्यात  होश ..

सारे  संपले  तुझ्या  आठवणीत   
शेवटी  मीच  गेलो  मातीच्या  कुशीत ....




कृपया कविता वाचल्यावर आपल्या प्रतिकिया द्याव्या कारण मी या क्षेत्रात नवीन आहे धन्यवाद
समीर स निकम
« Last Edit: September 21, 2012, 05:00:42 PM by Sameer Nikam »

Marathi Kavita : मराठी कविता


Offline Sameer Nikam

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Re: तुझी आठवण
« Reply #1 on: September 24, 2012, 07:29:52 PM »
कृपया कविता वाचल्यावर आपल्या प्रतिकिया द्याव्या कारण मी या क्षेत्रात नवीन आहे धन्यवाद
समीर स निकम

Offline केदार मेहेंदळे

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  • मला कविता शिकयाचीय ...
Re: तुझी आठवण
« Reply #2 on: September 25, 2012, 11:55:39 AM »
hi virah kavita aahe. krupaya admin la sangun shift kara