Author Topic: "नवरात्रोत्सव"-रेणुका माता आरती-"जय जय जगदंबे | श्री अंबे | रेणुके कल्पकदंबे |"  (Read 88 times)

Offline Atul Kaviraje

  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1,761
                                            "नवरात्रोत्सव"
                                            दिवस सहावा
                                               रंग लाल
                                         ----------------
                                         
मित्र/मैत्रिणींनो,

     दिनांक-०७.१०.२०२१-गुरुवार पासून नवरात्रोत्सव सुरु झाला  आहे. आज दिनांक -१२ .१०.२०२१ -मंगळवार , नवरात्रीचा सहावा दिवस आहे.  मराठी कवितेतील माझ्या सर्व कवी-कवयित्री भाऊ-बहिणींस, नवरात्रीच्या अनेक हार्दिक शुभेच्छा.देवीस नमन
करून मी माझ्या आजच्या देवी-स्तवनास  सुरुवात करतो. आज नवरात्रीचा सहावा दिवस आहे.आज ऐकुया, रेणुका माता आरती . या आरतीचे  बोल आहेत- "जय जय जगदंबे | श्री अंबे | रेणुके कल्पकदंबे | जय जय " (आजच्या दिवसाचा रंग  लाल  आहे.)--


                                    रेणुका माता आरती
                  "जय जय जगदंबे | श्री अंबे | रेणुके कल्पकदंबे | जय जय"
                ------------------------------------------------------

जय जय जगदंबे | श्री अंबे | रेणुके कल्पकदंबे | जय जय || धृ ||
अनुपम स्वरुपाची तुझी धाटी | अन्य नसे या सृष्टी |
तुज सम रूप दुसरे, परमेष्टी | करिता झाला कष्टी |
शशीरस रसरसला ,वदनपुटी | दिव्य सुलोचन दृष्टी |
सुवर्ण रत्नांच्या, शिरी मुकुटी | लोपती रविशशी कोटी |
गजमुखी तुज स्तविले हेरंबे | मंगल सकळारंभे || जय जय || १ ||

कुमकुम चिरी शोभे मळवटी | कस्तुरी टिळक लल्लाटी |
नासिक अति सरळ, हनुवटी | रुचिरामृत रस ओठी |
समान जणू लवल्या, धनुकोटी | आकर्ण लोचन भ्रुकुटी |
शिरी नीट भांगवळी, उफराटी | कर्नाटकची घाटी |
भुजंग नीळरंगा, परी शोभे | वेणी पाठीवर लोंबे || जय जय || २ ||

कंकणे कनकाची मनगटी | दिव्य मुद्या दश बोटी |
बाजूबंद जडे बाहुबटी | चर्चुनी केशर उटी | सुगंधी पुष्पांचे हार कंठी |
बहु मोत्यांची दाटी | अंगी नवी चोळी, जरीकाठी | पीत पितांबर तगटी |
पैंजण पदकमळी, अति शोभे | भ्रमर धावती लोभे || जय जय ||३ ||

साक्षप तू क्षितिच्या तळवटी | तूचि स्वये जगजेठी |
ओवाळीत आरती, दिपताटी | घेऊनी कर संपुष्टी |
करुणामृत हृदये, संकटी | धावसी भक्तांसाठी | विष्णूदास सदा, बहुकष्टी | देशील जरी नीजभेटी |
तरी मग काय उणे, या लाभे | धाव पाव अविलंबे || जय जय || ४ ||


  (संदर्भ -टॉप -23 देवीची  मराठी  गाणी - नवरात्री सॉंग्स मराठी - मराठी देवी सॉंग्स)
                      (साभार आणि सौजन्य-मराठी - गौरव - यु ट्यूब)
 -------------------------------------------------------------------------


-----संकलन
-----श्री.अतुल एस.परब(अतुल कवीराजे)
-----दिनांक-12.10.2021-मंगळवार.


 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
Type the letters shown in the picture
Listen to the letters / Request another image
Type the letters shown in the picture:
एकावन्न अधिक दोन किती? (answer in English number):