Author Topic: देव स्वप्नात येतो  (Read 3307 times)

Offline kumudini

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देव स्वप्नात येतो
« on: April 22, 2014, 06:25:49 PM »
देव  स्वप्नात  येतो


एक  दिवस ताप  मला  आला
देव  पुजेचा  नेम  माझा  चुकला
हुरहुर  लागली माझ्या  मनाला
अन  झोपेनही  संप  पुकारला
नंतर थोडा  डोळा  लागला
देव माझ्या  स्वप्नात  आला
म्हणाला  मीच  आणला  ताप  तुला
कारण  तुझ्या  पुजेचा  कंटाळा  आला  मला
गार  गार  पाण्याने  आंघोळ  घालते
थंडीने  ओठ  माझे  कुडकुडते
तुझ्या  उदबत्तीने  घसा  माझा  कोंदला
हळद  कुंकाने  डोळे  लागले  चुरचुरायला
रोज  तोच  भसाडा  आवाज  आरतीला
अन  तीच  तीच  आरती  ऐकून  कानठाळी  बसल्या
रोजच  पचपचीत  दूध  नैवेद्याला
चमचमीत  खायला  आवडते  मला
रक्तदाब  मधुमेह  तुम्हाला
विनाकारण  शिक्षा  त्याची  मला
नको  तरी  फुल  वाहते  मला
वाळल्यावर  ते  टोचतेन  मला
अशीच  गपगार  पड  बिछान्याला
अन  विसावा  जरा  घेऊदे  मला
                                                 कुमुदिनी  काळीकर

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