Author Topic: नही समझ पाए वोह..  (Read 1046 times)

नही समझ पाए वोह..
« on: April 13, 2012, 09:41:06 PM »
नही समझ पाए वोह..
उन्होने कभी ईस दिल को
प्यार से देखा ही नहीं

जखमी इस दिल को
काश वोह समझ समझ जाते

कसम खूदा की
एक पल भी दूर ना रेह पाते ....

ये गलती उनकी नहीं
ये तो होना ही था

नसिब ही ऐसा मिला है हमको
जिंदगीभर अकेले ही रोना था....
-
©प्रशांत शिंदे

Marathi Kavita : मराठी कविता

नही समझ पाए वोह..
« on: April 13, 2012, 09:41:06 PM »

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