Author Topic: नंदनवन  (Read 1331 times)

Offline sweetsunita66

  • Full Member
  • ***
  • Posts: 862
  • Gender: Female
  • प्रेमा साठी जगणे माझे ।
नंदनवन
« on: January 23, 2014, 01:35:06 PM »
 जब पेड था विशाल हराभरा
 चहचहो का संगीत गुंजता था
हर आने जाने वाले मुसाफिर को 
शीतल मनभावन छाया देता था
.
.
उसकी शीतल छाव तले
बच्चो कि मुस्कान खिलती थी
तरह तरह के खेल खिलाडी
और दोस्ती यारी पलती थी
.
.
प्रेम के कच्चे धागे भी यहां
और भी अटूट होते थे
इसकी भव्यता कि  साक्ष देकर
प्यारा बंधन जन्मो  तक निभाते थे
.
.
अब कैसा ये अनर्थ हुआ है
जो काट दिया ऐसे वृक्ष को
जहा हसी के फव्वारे चलते थे
वहां शमशान विरानी खलती है
.
.
कब आयेगी समझदारी हमको
ये वृक्ष ही  हमारे  पालनहार है 
इसकी शीतल  छाव तले
जीवन सुहाना गीत गाता  है .
.                                 
.
मेरी बस इतनी अरज है सबको
 पेड लगाओ और पेड जगाओ
 इस कृष्ण कन्हाई के मधुबन को
हो सके तो प्यारा  नंदनवन बनाओ
                                           सुनिता ……
                                                    २३जानेवारी २०१४ :) :)

Marathi Kavita : मराठी कविता

नंदनवन
« on: January 23, 2014, 01:35:06 PM »

Download Free Marathi Kavita Android app

Join Marathi Kavita on Facebook

 

With Quick-Reply you can write a post when viewing a topic without loading a new page. You can still use bulletin board code and smileys as you would in a normal post.

Name: Email:
Verification:
एक गुणिले दहा किती ? (answer in English number):