Author Topic: वाटे मनास  (Read 1315 times)

Offline kumudini

  • Jr. Member
  • **
  • Posts: 118
वाटे मनास
« on: March 26, 2014, 07:51:28 PM »
            वाटे मनास
वाटे मनास  माझ्या  मी  मोहरून  यावे
फुलपाखरापरी मी  स्वच्छंद  बागडावे 
करुनी  झुला  लताचा  मी  उंच  झुलत  जावे
नाजुकशा  कळ्यांना  हलकेच   गोन्जरावे
तो  स्पर्श  जाई  जुईचा  मी  मोरपीस व्हावे
त्या  गर्द  हिरव्या  कानी  हितगुज  मी  करावे
गंधीत  सोनचाफे श्वासात  मी भरावे
विसरून  सर्व  काही माझ्यात  गुंग  व्हावे
मृगातल्या सरीत  भिजूनी  सचैल  न्हावे
जोत्स्नेत  पौर्णिमेच्या  न्हाऊन  मी  निघावे
आयुष्य  हे  असे  संगीत  गीत  व्हावे
मनसोक्त  भोगूनिया  संपून  मीच  जावे
                                   कुमुदिनी काळीकर


Marathi Kavita : मराठी कविता