Author Topic: मैं ना झुकता कभी ना मै रुकता कभी...  (Read 1275 times)

Offline Rajesh khakre

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तु कितनी भी साजिशें रच ए दुश्मन
मैं ना झुकता कभी ना मै रुकता कभी

तेरी हर एक करतुत से शक्ति मुझे मिलेगी
तु युही जलेगा जितना हिंमत मेरी बढ़ेंगी
तूफानों सें डरे जो मैं वो कायर हरगीज नही
मैं ना झुकता कभी ना मै रुकता कभी

कितना भी हो घना अँधेरा मैं ना ठोकर खाऊँगा
हर रास्ते जाते जाते दिप प्यार का जलाऊंगा
सुरज मुझे मिल गया हैं मैं भी दीपक बना अभी
मैं ना झुकता कभी ना मै रुकता कभी

चाहे गर आएँ मौत फिर भी ना सिर झुकाऊँगा
मेरी मंजिल है निगाहों में हासिल करके दिखाऊंगा
मुझसे दुश्मनी निभाना ए तेरी औकात नही
मैं ना झुकता कभी ना मै रुकता कभी
©राजेश खाकरे
Mo.7875438494
rajesh.khakre@gmail.com


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