Author Topic: एल्गार..,  (Read 756 times)

Offline Ravi kamble

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एल्गार..,
« on: September 13, 2015, 12:29:28 PM »
एल्गार
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अन्याया विरुद्ध लढूया
शाईची करून तलवार
            पुरोगामी विचारांचा
            पुन्हा पेटवूया एल्गार..!

दाभोळकर पानसरे यांची
ठेवू जिवंत विचारांची धार
            अंधश्रद्धेचे मूळ उखडून
            पुन्हा पेटवूया एल्गार..!

सविंधानाची करून ढाल
भ्रष्टाचाराला करु हद्दपार
            माणुसकीचे बीज रोवून
            पुन्हा पेटवूया एल्गार..!

चला तरुणानो या पुढे
करु कलामांचे स्वप्न साकार
           महासत्तेकडे नेवू भारत
           पुन्हा पेटवूया एल्गार..!
××××××××××××××××××××××
     कवी
रविंद्र कांबळे  पुणे 9970291212

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