* हमारी खामोशी *

Started by कवी-गणेश साळुंखे, December 09, 2014, 11:15:06 PM

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कवी-गणेश साळुंखे

हमारी खामोशी से भी
आजकल लोग डर जाते है
पता नही हम ऐसा
खामोशीसे क्या कह जाते है
जो लोग मैदान छोड जाते है...!
कवी-गणेश साळुंखे...!
Mob-7710908264
Mumbai