मै और मेरा आईना

Started by Chetan Thakare, May 18, 2017, 11:38:18 PM

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Chetan Thakare

मै और मेरा आईना !

आईने के सामने खड़ा शक्स,
बोल रहा है मुझसे
और कितने दिन तक,
नजरे छिपाओगे तूम मूझसे

कब तक रहोगे ऐसे चूप,
कब तक सहोगे ये दर्द
कब बया होगे लफ्ज तूम्हारे,
कब बनोगे मेरा हमर्दर्द

चुभता मुझे भी है यहा,
वही मेहसूस मै करता हू
तकलीफ जो होती है तूम्हे,
वही एहसास मै करता हू

मै आज भी वही हू,
जिसे तूम कल तक देखते थे
हसते थे जिसे अकेले देखकर,
जिसके साथ तूम अकेले रोते थे

ऐसे मायूस न होना कभी
ये वक्त भी निकल जाएगा
काले घने अंधेरे के बाद
एक तपता सुरज आएगा

फिर तूम भी मुझसे मिलोगे
हम दोनो बाते करेंगे
दिल के गहराईयो मै जाकर
तूम खुदसे वादे करोगे

फिर होगी नई सुबह
फिर होगा रोशन समा
फिर खुदसे मिलोगे तूम
हम दोने होंगे गवाह

© चेतन ठाकरे