थाईपुसम पर हिंदी कविता-

Started by Atul Kaviraje, February 12, 2025, 07:18:49 PM

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Atul Kaviraje

थाईपुसम पर हिंदी कविता-

थाईपुसम का पर्व आया है, आनंद की रौशनी लाया है,
माता की पूजा का समय है, सबका मन प्रसन्न छाया है।🙏✨
भगवान मुरुगन की कृपा से, हर दिल में सुख समाया है,
कष्टों से मुक्ति पाने का, ये पर्व सबसे प्यारा है।🌸🎉

सजते हैं मंदिर और मार्ग, रंग-बिरंगे फूलों से सजा,
तमिल समाज की श्रद्धा, हर घर में गूंजे गाजा।🎶🌷
व्रत और तपस्या से, भक्तों का हृदय शुद्ध होता है,
सच्चे आस्था के साथ, मन का हर द्वार खोला जाता है।💫

कांधे पर कावडी सजे, हर्षित भाव से आते हैं,
माता मुरुगन से आशीर्वाद, सभी भक्त यही मांगते हैं।🌟🙏
पवित्रता और विश्वास से, मन में उमंग जगाए,
थाईपुसम के दिन, सब दिलों में बसा हो सच्चा प्यार।💖

संकीर्तन में गाते हम, भगवान की जयकार,
ध्यान में खो जाते हैं, जब भी वह देते हैं आशीर्वाद।🎵✨
यह दिन है त्याग और तप का, बुराई से विजय का,
शुद्ध मन से पूजा करें, दिल हो जब एक और सच्चा।❤️

कविता का अर्थ:

यह कविता थाईपुसम पर्व की महिमा को प्रकट करती है, जो भगवान मुरुगन की पूजा और भक्तों के द्वारा किए गए व्रत, तपस्या और आस्था का प्रतीक है। कविता में भक्तों के श्रद्धा भाव, पूजा के दौरान की धार्मिक भावना और पवित्रता का चित्रण किया गया है। यह पर्व न केवल शरीर के शुद्धिकरण का अवसर है, बल्कि आत्मिक शांति और सच्चे प्यार का भी संचार करता है।

चित्र/चिन्ह और इमोजी:
🙏✨🌸🎶🌷💫💖🌟🎵❤️

--अतुल परब
--दिनांक-11.02.2025-मंगळवार.
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