माउंट एवरेस्ट पर कविता 🏔️

Started by Atul Kaviraje, August 10, 2025, 05:07:19 PM

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Atul Kaviraje

माउंट एवरेस्ट पर कविता 🏔�

पद्य 1
खड़ा हिमालय, शान से ऊँचा,
विश्व का मुकुट, हर दिशा में गूँजा।
सबसे ऊँचा पर्वत, नाम है एवरेस्ट,
चुनौतियों का यह एक अनूठा टेस्ट।

अर्थ: यह पर्वतों के राजा हिमालय और एवरेस्ट के बारे में बताता है, जो दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत है और जो हर दिशा में प्रसिद्ध है।

पद्य 2
बर्फ की चादर, ढकी है हर ओर,
सुबह की किरणें, करती हैं शोर।
हर चोटी पर सूरज की पहली झलक,
जैसे कोई कर रहा हो जादू का फलक।

अर्थ: यह सुबह के समय एवरेस्ट पर बर्फ से ढकी चोटियों का वर्णन करता है, जहाँ सूरज की पहली किरणें पड़ती हैं।

पद्य 3
चोमोलुंगमा, सागरमाथा कहलाता,
देवताओं का घर, इसे सब कहते हैं।
पर्वतारोही करते हैं कठिन यात्रा,
सफलता की यह एक महान गाथा।

अर्थ: यह एवरेस्ट के अन्य नामों और उसकी धार्मिक महत्ता का वर्णन करता है, और बताता है कि पर्वतारोहियों के लिए यह एक बहुत कठिन यात्रा है।

पद्य 4
तेनजिंग और हिलेरी, बने पहले यात्री,
बनाया इतिहास, हुई पहली फतह।
उनकी हिम्मत की कहानी है मशहूर,
हर पर्वतारोही के दिल में है नूर।

अर्थ: यह न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे की पहली सफल चढ़ाई का स्मरण कराता है और उनके साहस की प्रशंसा करता है।

पद्य 5
ऊपर हवा कम, सांस लेना मुश्किल,
फिर भी पहुँचते हैं, करते हैं मंजिल हासिल।
मन की शक्ति से, करते हैं जंग,
एवरेस्ट का शिखर, चढ़ते हैं संग।

अर्थ: यह एवरेस्ट पर कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों का वर्णन करता है, लेकिन बताता है कि पर्वतारोही मन की शक्ति और हिम्मत से अपनी मंजिल तक पहुँचते हैं।

पद्य 6
प्रकृति का खेल, कहीं बर्फ, कहीं चट्टान,
संसार का सबसे ऊँचा यह स्थान।
यहाँ पहुँचकर हर दिल है खुश,
क्योंकि हर कदम में है एक खास एहसास।

अर्थ: यह एवरेस्ट पर प्रकृति के कठोर माहौल का वर्णन करता है, लेकिन बताता है कि इस जगह पर पहुँचने पर हर इंसान को एक खास और खुशी का एहसास होता है।

पद्य 7
यह सिर्फ पर्वत नहीं, एक प्रेरणा है,
ऊँचे सपनों की, एक कल्पना है।
माउंट एवरेस्ट, हमेशा रहेगा महान,
हर इंसान के लिए है यह एक खास मुकाम।

अर्थ: यह अंतिम पद एवरेस्ट को सिर्फ एक पर्वत नहीं, बल्कि हर किसी के लिए प्रेरणा का एक स्रोत मानता है।

--अतुल परब
--दिनांक-10.08.2025-रविवार.
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