नई दिल्ली पर कविता 🏙️

Started by Atul Kaviraje, August 10, 2025, 05:08:30 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

नई दिल्ली पर कविता 🏙�

पद्य 1
भारत का गौरव, एक महान शहर,
यही है दिल्ली, जहाँ है हर घर।
इतिहास की कहानियाँ, हर गली में बसी,
यह सिर्फ राजधानी नहीं, एक सच्ची खुशी।

अर्थ: यह दिल्ली को भारत का गौरव और एक महान शहर बताता है, जहाँ इतिहास हर कोने में बसा हुआ है। यह सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि एक आनंद का स्रोत है।

पद्य 2
लाल किला खड़ा है, उसकी शान में,
कुतुब मीनार भी है, हर ध्यान में।
पुराना शहर और नया जहाँ,
मिलकर बनाते हैं एक नया निशाँ।

अर्थ: यह दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों, जैसे लाल किला और कुतुब मीनार का वर्णन करता है, और बताता है कि कैसे पुराना और नया शहर मिलकर एक साथ रहते हैं।

पद्य 3
संसद भवन, राष्ट्रपति का निवास,
यहाँ से चलता है, देश का हर खास।
सरकार का केंद्र, यह है दिल की धड़कन,
हर भारतीय के लिए यह है एक खास बंधन।

अर्थ: यह दिल्ली को सरकार के केंद्र के रूप में दिखाता है, जहाँ से देश का प्रशासन चलता है, और इसे हर भारतीय के लिए एक महत्वपूर्ण जगह मानता है।

पद्य 4
मेट्रो चलती है, जैसे जीवन की दौड़,
हर मोड़ पर मिलती है, एक नई भीड़।
यातायात की गति, यह है शहर का शोर,
यहाँ के लोग हमेशा रहते हैं मजबूत।

अर्थ: यह दिल्ली के आधुनिक यातायात, विशेष रूप से मेट्रो का वर्णन करता है, और बताता है कि शहर की रफ्तार और जीवन कैसे हमेशा चलता रहता है।

पद्य 5
मसालों की खुशबू, चांदनी चौक में,
पुराने बाजार, हर चीज एक रोक में।
नए मॉल्स की चमक, हर जगह है नयी,
दिल्ली का खाना, हर जुबान को भायी।

अर्थ: यह दिल्ली के खाने, विशेषकर चांदनी चौक के मसालों और स्ट्रीट फूड का वर्णन करता है, और पुराने और नए बाजारों के मिश्रण को दर्शाता है।

Pady 6
कला और साहित्य, यहाँ मिलते हैं सब,
कवि और लेखक, यहाँ होते हैं एक।
संगीत और नाटक, हर मंच पर है,
यहाँ की संस्कृति, हर दिल में बसी है।

अर्थ: यह दिल्ली को कला और साहित्य का केंद्र बताता है, जहाँ कलाकार और लेखक अपनी प्रतिभा दिखाते हैं और संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।

Pady 7
यह सिर्फ एक शहर नहीं, एक सपना है,
अलग-अलग रंगों का एक संगम है।
नई दिल्ली, भारत का दिल है महान,
हर भारतीय का है यह एक खास मुकाम।

अर्थ: यह अंतिम पद नई दिल्ली को सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक सपना और विभिन्न संस्कृतियों का संगम मानता है, और इसे भारत का दिल बताता है।

--अतुल परब
--दिनांक-10.08.2025-रविवार.
===========================================