क्रांतिवीर राजगुरू जयंती- क्रांतिवीर राजगुरू पर एक सुंदर कविता-🇮🇳✊🔥💖

Started by Atul Kaviraje, August 25, 2025, 10:36:02 AM

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Atul Kaviraje

क्रांतिवीर राजगुरू जयंती-

क्रांतिवीर राजगुरू पर एक सुंदर कविता-

चरण 1
राजगुरू की जयंती, आज का यह पावन दिन।
याद दिलाए उस वीर की, जिसका था बलिदान।
पुणे की धरती पर, हुआ था जिसका जन्म।
देश की आज़ादी का, था उसका एक ही स्वप्न।

अर्थ: यह पवित्र दिन क्रांतिवीर राजगुरू की जयंती का है, जो हमें उनके महान बलिदान की याद दिलाता है। पुणे की धरती पर जन्मे इस वीर का एक ही सपना था - देश को आज़ाद कराना।

चरण 2
भगत और सुखदेव का, था वो सच्चा मीत।
मिलकर लिखी थी तीनों ने, आज़ादी की वो गीत।
लाहौर की सड़कों पर, गूँजी थी वो क्रांति।
अंग्रेजों के दिल में, भर दी थी अशांति।

अर्थ: राजगुरू भगत सिंह और सुखदेव के सच्चे मित्र थे। उन्होंने मिलकर स्वतंत्रता के गीत लिखे। लाहौर में उनके द्वारा की गई क्रांति से अंग्रेजों के मन में अशांति फैल गई थी।

चरण 3
सॉन्डर्स को मारकर, लिया था वो बदला।
लालाजी का अपमान, जिसने था किया था।
न्याय की लड़ाई में, वो कभी ना था थका।
देश की मिट्टी के लिए, उसने सब कुछ दिया था।

अर्थ: उन्होंने सॉन्डर्स की हत्या करके लाला लाजपत राय के अपमान का बदला लिया। न्याय की इस लड़ाई में वह कभी नहीं थके और उन्होंने देश की मिट्टी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

चरण 4
जेल की दीवारों में, भी न झुका था वो वीर।
सीने में थी आग, और आँखों में थी तस्वीर।
आज़ाद भारत की, जो उसने थी देखी।
मौत से भी न डरा, वो था एक फकीर।

अर्थ: जेल की दीवारों के पीछे भी वह वीर नहीं झुका। उसके सीने में आज़ादी की आग थी और आँखों में स्वतंत्र भारत की तस्वीर। वह मौत से भी नहीं डरा, क्योंकि वह एक सच्चे फकीर की तरह था।

चरण 5
फाँसी का फंदा भी, था उसके लिए हार।
मुस्कुराकर अपनाया, उसने वो सम्मान।
बोला था कि मेरा, बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
भारत की आज़ादी का, सूरज ज़रूर आएगा।

अर्थ: फाँसी का फंदा उसके लिए हार नहीं, बल्कि सम्मान था। उसने मुस्कुराकर उसे अपनाया और कहा कि उसका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और भारत को ज़रूर आज़ादी मिलेगी।

चरण 6
23 मार्च का दिन, आज भी हम याद करते।
लाखों दिलों में, हम उनको ज़िंदा रखते।
बलिदान की गाथा, हम हर पल सुनाते।
राजगुरू जैसे वीरों को, हम शीश झुकाते।

अर्थ: 23 मार्च के दिन हम आज भी उनकी शहादत को याद करते हैं। वह लाखों दिलों में ज़िंदा हैं। हम उनके बलिदान की कहानियाँ सुनाते हैं और राजगुरू जैसे वीरों के सामने शीश झुकाते हैं।

चरण 7
आओ आज हम सब, एक संकल्प उठाएं।
उनके आदर्शों पर, अपना जीवन बिताएं।
भ्रष्टाचार और अन्याय, से मिलकर लड़ें।
एक नया भारत, हम सब मिलकर गढ़ें।

अर्थ: आज हम सब एक संकल्प लें कि हम उनके आदर्शों पर चलेंगे। हम भ्रष्टाचार और अन्याय से मिलकर लड़ेंगे और एक नया और बेहतर भारत बनाएंगे।

संक्षेप: 🇮🇳✊🔥💖

--अतुल परब
--दिनांक-24.08.2025-रविवार.
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