श्री गोविंदराव टेंबे पुण्यदिन-🎹 🎵 ✨ 🕯️ 💫

Started by Atul Kaviraje, October 14, 2025, 12:02:23 PM

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Atul Kaviraje

श्री गोविंदराव टेंबे पुण्यदिन-

श्री गोविंदराव टेंबे को समर्पित हिंदी कविता-

संक्षेप में इमोजी सारांश (Emoji Saaransh):
🎹 🎵 ✨ 🕯� 💫

चरण 1
कविता:
आज ९ अक्टूबर, मन है भावुक,
टेंबे जी की यादें, देती हैं आहट।
हारमोनियम पर उँगलियाँ चलती थीं,
नाद ब्रह्म की गूँज, थी अनमोल सौगात।
हिंदी अर्थ: आज 9 अक्टूबर को मन भावुक है, श्री गोविंदराव टेंबे जी की यादें आ रही हैं। हारमोनियम पर उनकी उँगलियाँ चलती थीं, जिससे निकलने वाली संगीत की ध्वनि (नाद ब्रह्म) एक अनमोल उपहार थी।

चरण 2
कविता:
संगीत की तपस्या, उनका जीवन-सार,
रागों की दुनिया में, उनका था विस्तार।
शास्त्रीयता को दिया, अद्भुत सम्मान,
कलाकार नहीं, वे थे कला के भगवान।
हिंदी अर्थ: संगीत की साधना ही उनके जीवन का मूल तत्व थी। राग-रागनियों की दुनिया में उनका ज्ञान बहुत विस्तृत था। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को अद्वितीय सम्मान दिया। वे केवल कलाकार नहीं, बल्कि कला के ईश्वर के समान थे।

चरण 3
कविता:
रंगमंच पर उनकी, थी अनूठी चाल,
अभिनय में सरलता, भावों में कमाल।
सौभद्र के गीतों में, छिपी थी मधुरता,
नाटक संगीत की, थी उनमें पूर्णता।
हिंदी अर्थ: रंगमंच (थिएटर) पर उनकी उपस्थिति खास थी। उनके अभिनय में सरलता थी पर भावों में गहराई थी। उनके द्वारा संगीतबद्ध किए गए 'सौभद्र' नाटक के गीतों में मिठास थी। वे संगीत नाटक की पूर्णता थे।

चरण 4
कविता:
कमल-पत्र सा जीवन, निर्मल, पवित्र,
लेखन से भी बाँधा, उन्होंने अनोखा चित्र।
कल्याणजी की कहानी, अमर कर गए,
साहित्य और संगीत, दोनों को भर गए।
हिंदी अर्थ: उनका जीवन कमल के पत्ते की तरह शुद्ध और पवित्र था। उन्होंने लेखन के माध्यम से भी एक अनोखी छवि बनाई। 'कल्याणजीची गोष्ट' जैसी कहानी को अमर कर दिया। उन्होंने साहित्य और संगीत दोनों को समृद्ध किया।

चरण 5
कविता:
साज़ में उनकी थी, एक दिव्य पुकार,
भक्ति भाव से भरा, उनका हर तार।
साधना थी उनकी, ईश्वर को भेंट,
संगीत बना उनकी, जीवन की रेख।
हिंदी अर्थ: उनके वाद्य यंत्र (हारमोनियम) में एक ईश्वरीय आह्वान था। उनका हर सुर भक्ति और श्रद्धा से भरा था। उनकी संगीत साधना भगवान को चढ़ाया गया एक प्रसाद था। संगीत ही उनके जीवन की मुख्य धारा थी।

चरण 6
कविता:
प्रेरणा हैं वे हर, संगीत साधक की,
राह दिखाते हैं हर, कला के पाठक की।
सादगी, नम्रता, थी उनकी पहचान,
दे गए हमें वह, गौरव का मान।
हिंदी अर्थ: वे हर संगीत की साधना करने वाले व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वे कला के हर विद्यार्थी को सही रास्ता दिखाते हैं। सादगी और विनम्रता उनकी पहचान थी। वे हमें कला का गौरवपूर्ण सम्मान दे गए।

चरण 7
कविता:
आज इस पुण्यतिथि पर, करें वंदन,
गोविंदराव टेंबे को, शत-शत अभिनंदन।
उनकी कला की गूँज, अमर रहे सदा,
भारत माता के सच्चे, वे थे एक योद्धा।
हिंदी अर्थ: आज उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर हम उन्हें नमन करते हैं और सौ बार उनका अभिवादन करते हैं। उनकी कला की गूँज हमेशा बनी रहे। वे भारतीय कला जगत के एक सच्चे सिपाही थे।

--अतुल परब
--दिनांक-09.10.2025-गुरुवार.
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