श्रद्धा और रंगों का महाकुंभ – श्री विठ्ठल बिरदेव यात्रा, पट्टण कोडोली-

Started by Atul Kaviraje, October 14, 2025, 12:18:15 PM

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Atul Kaviraje

बिरदेव यात्रा-पट्टण कोडोली, तालुका-हातकणंगले-

श्रद्धा और रंगों का महाकुंभ – श्री विठ्ठल बिरदेव यात्रा, पट्टण कोडोली-

सुंदर हिंदी कविता: 'बिरोबा की पुकार'-

चरण (Stanza)   कविता (Poem)   प्रत्येक चरण का हिंदी अर्थ (Short Meaning)

१   पट्टण कोडोली में, आज है पावन मेला! बिरदेव की यात्रा, रंग भरा है हर ठेला! हातकणंगले में देखो, उमड़ा है जन-सागर! खुशियों से भरा है, कोल्हापुर का यह नगर!   अर्थ: पट्टण कोडोली में आज पवित्र मेला लगा है। बिरदेव की यात्रा में हर तरफ रंग और उत्साह है। हातकणंगले में भक्तों की भीड़ जमा हुई है, कोल्हापुर का यह गाँव खुशियों से भरा है।

२   पीले रंग की हल्दी, भंडारा है उछाला! भक्ति का यह रंग, हर दिल में समाया! बिरोबा के नाम का, करते हैं जयकारा! 'चांगभलं' की गूँज में, निकला हर एक तारा!   अर्थ: पीले रंग की हल्दी (भंडारा) हवा में उछाली जा रही है। भक्ति का यह रंग हर भक्त के दिल में समा गया है। भक्त बिरोबा के नाम का जयकारा कर रहे हैं, और 'चांगभलं' की गूँज चारों ओर सुनाई दे रही है।

३   फरांडे बाबा का, देखो निराला हेडम! आने वाले कल का, देते हैं सबको मरहम! 'भाकणूक' है उनकी, भविष्य की कहानी! सुनकर झुकती है, हर भक्त की ये रानी!   अर्थ: फरांडे बाबा का अद्भुत हेडम नृत्य देखो। वह भविष्यवाणी (मरहम) के रूप में आने वाले कल की जानकारी देते हैं। उनकी 'भाकणूक' भविष्य की कहानी है, जिसे सुनकर हर भक्त सिर झुकाता है।

४   विठ्ठल और बिरदेव, हरि-हर का मिलाप! दूर करें भक्तों का, हर दुःख और हर पाप! शाकाहार का संदेश, ये मंदिर सुनाता है! हर जीव से प्यार करो, ये हमें सिखाता है!   अर्थ: विठ्ठल और बिरदेव हरि (विष्णु) और हर (शिव) का मिलाप हैं। वे भक्तों के सभी दुःख और पाप दूर करते हैं। यह मंदिर शाकाहार का संदेश देता है, और हमें हर जीव से प्रेम करना सिखाता है।

५   खेलोबा भक्त का, आज भी है बड़ा मान! अंजनगाँव से आते, करते हैं पैदल दान! ग्यारह दिन की पदयात्रा, श्रद्धा का आधार! ऐसी भक्ति देखके, सबको आता है प्यार!   अर्थ: खेलोबा भक्त के वंशजों का आज भी बहुत सम्मान है। वे अंजनगाँव से पैदल चलकर आते हैं और अपना योगदान देते हैं। ग्यारह दिनों की यह पैदल यात्रा उनकी श्रद्धा का आधार है, ऐसी भक्ति देखकर सभी को प्रेम उमड़ आता है।

६   ढोल-ताशे बज रहे, खुशियाँ हैं अपार! बिरोबा की महिमा, गूँजे बारंबार! बाळलोकर, खारीक, भक्त चढ़ाते हैं सब! दुआ है, खुशहाली रहे, हमारे साथ अब!   अर्थ: ढोल और ताशे बज रहे हैं, और अपार खुशियाँ छाई हुई हैं। बिरोबा की महिमा बार-बार गूँज रही है। भक्त बाळलोकर (भेड़ के बाल) और खारीक (सूखी खजूर) जैसी चीजें चढ़ाते हैं। हमारी दुआ है कि अब हमारे साथ हमेशा खुशहाली रहे।

७   दिव्य ज्योति का यह, अद्भुत है नज़ारा! भक्ति में डूबा है, हर प्राणी बेचारा! बिरदेव तुम्हें मिलें, शक्ति और वरदान! पट्टण कोडोली की, यात्रा है महान!   अर्थ: यह दिव्य ज्योति का एक अद्भुत दृश्य है। हर प्राणी भक्ति में डूबा हुआ है। भगवान बिरदेव आपको शक्ति और वरदान दें। पट्टण कोडोली की यह यात्रा सचमुच महान है।

--अतुल परब
--दिनांक-12.10.2025-रविवार.
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