भक्ति के अमृत पर भगवान विट्ठल के विचार-'भक्ति का अमृत विट्ठल'-

Started by Atul Kaviraje, October 15, 2025, 11:17:37 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

(भक्ति के अमृत पर भगवान विट्ठल का दृष्टिकोण)
भक्ति के अमृत पर भगवान विट्ठल के विचार-
(Lord Vitthal's View on the Nectar of Devotion)
Sri Vithoba and Bhaktiras in his eyes-

भक्ति के अमृत पर भगवान विट्ठल के विचार-

विषय: भक्ति के अमृत पर भगवान विट्ठल के विचार (Lord Vitthal's View on the Nectar of Devotion)-

हिन्दी कविता: 'भक्ति का अमृत विट्ठल'-

चरण (Stanza)   कविता (Poem - 04 Lines Each)   हिन्दी अर्थ (Meaning)   चित्र, प्रतीक और इमोजी

01   रूप अनमोल   रूप अनमोल   🧱🧍
विट्ठल खड़ा ईंट पर आज,   विट्ठल भगवान आज ईंट पर खड़े हैं,   
भक्त के प्रेम का करता काज।   जो भक्त के प्रेम को साकार करता है।   
हाथों में मुकुट न, सिर पर ताज,   उनके हाथों में न मुकुट है, न सिर पर ताज,   
सरलता का है अद्भुत राज।   यह उनकी सरलता का अद्भुत रहस्य है।   

02   भक्ति का मार्ग   भक्ति का मार्ग   🚶�♂️🚩
वारी चलती, नंगे पाँव,   वार्षिक पैदल यात्रा (वारी) नंगे पाँव चलती है,   
मन में विट्ठल, चले हर गाँव।   मन में विट्ठल का नाम लिए हर गाँव चलता है।   
न कोई भेद, न कोई छाँव,   इस मार्ग में न कोई भेदभाव है, न कोई आवरण,   
प्रेम से भरा, पावन ठाँव।   यह स्थान (पंढरपुर) प्रेम से भरा, पवित्र है।   

03   नाम का जाप   नाम का जाप   📿🎶
'विठ्ठल, विठ्ठल' मुख से बोलो,   अपने मुँह से 'विठ्ठल, विठ्ठल' का जाप करो,   
मन के सारे भेद तुम खोलो।   अपने मन के सारे रहस्यों को खोल दो।   
नाम-स्मरण के द्वार खोलो,   नाम-स्मरण के द्वार खोलो,   
अमृत के रस से खुद को घोलो।   और भक्ति के अमृत में खुद को डुबो दो।   

04   संतों की वाणी   संतों की वाणी   📜💡
तुका, ज्ञानो की अमर वाणी,   संत तुकाराम और ज्ञानेश्वर की अमर वाणी,   
भक्ति की कहती नई कहानी।   भक्ति की एक नई कहानी सुनाती है।   
कर्म में भक्ति, जग ने जानी,   संसार ने जान लिया कि काम करते हुए भी भक्ति संभव है,   
यही है उनकी निशानी।   यही विट्ठल भक्ति की पहचान है।   

05   सेवा ही धर्म   सेवा ही धर्म   🤲🧑�🤝�🧑
भूखे को भोजन, प्यासे को नीर,   भूखे को खाना दो, प्यासे को पानी,   
दीन-दुखियों का बनो मीर।   गरीबों और दुखियों के नेता बनो।   
सेवा से मिटे हर पीर,   सेवा करने से हर दर्द मिट जाता है,   
यही विट्ठल का सच्चा तीर।   यही विट्ठल का सच्चा उद्देश्य (बाण) है।   

06   विनम्रता का सार   विनम्रता का सार   🙏💖
अहंकार का त्याग करना,   अहंकार को छोड़ देना,   
चरणों में शीश हमेशा धरना।   संतों के चरणों में हमेशा सिर झुकाना।   
'मैं' को मिटाकर आगे बढ़ना,   'मैं' के भाव को मिटाकर आगे बढ़ना,   
तभी प्रेम की नदी में तरना।   तभी तुम प्रेम की नदी को पार कर पाओगे।   

07   मोक्ष की डगर   मोक्ष की डगर   🕊�✨
भक्ति का अमृत जिसने पिया,   जिसने भी भक्ति का अमृत पी लिया,   
उसने ही जीवन सफल किया।   उसने ही अपने जीवन को सफल बना लिया।   
विट्ठल से पावन राह लिया,   विट्ठल से यह पवित्र मार्ग लिया,   
मोक्ष का द्वार तब खुल गया।   तब उसके लिए मोक्ष का द्वार खुल गया।   

--अतुल परब
--दिनांक-15.10.2025-बुधवार.
===========================================