राष्ट्रीय 'अपने डर का सामना करें' दिवस-'डर की दीवार'-

Started by Atul Kaviraje, October 15, 2025, 11:40:56 AM

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Atul Kaviraje

NATIONAL FACE YOUR FEARS DAY-राष्ट्रीय अपने डर का सामना करें दिवस-विशेष रुचि-प्रशंसा, मानसिक स्वास्थ्य-

हिन्दी लेख: राष्ट्रीय 'अपने डर का सामना करें' दिवस (National Face Your Fears Day)-

हिन्दी कविता: 'डर की दीवार'-

यह कविता डर को एक दीवार के रूप में देखती है, जिसे साहस से पार किया जा सकता है।

चरण (Stanza)   कविता (Poem - 04 Lines Each)   हिन्दी अर्थ (Meaning)   चित्र, प्रतीक और इमोजी

01   डर की दीवार   डर की दीवार   🧱😨
आज दिवस है खास, सुन लो बात,   आज का दिन खास है, यह बात सुन लो,   
डर की दीवार करो समाप्त।   अपने डर की दीवार को खत्म कर दो।   
मन के कोने में जो अज्ञात,   जो डर मन के किसी कोने में अज्ञात रूप से बैठा है,   
आज उसका करो सामना, निज हाथ।   आज उसका सामना स्वयं अपने हाथों से करो।   

02   डर क्या है?   डर क्या है?   ❓🤔
क्या है ऊँचाई, या पानी का भय,   क्या यह ऊँचाई का डर है, या पानी से डर लगना,   
क्या असफलता का है संशय?   या असफलता का कोई संदेह है?   
बोल न पाना, या अकेलापन है,   क्या यह सार्वजनिक रूप से बोल न पाने का डर है, या अकेलेपन का,   
डर बस एक भावना है, यह निश्चय।   निश्चित रूप से, डर केवल एक भावना है।   

03   छोटे-छोटे कदम   छोटे-छोटे कदम   🦶🪜
छोटा सा कदम आज उठाओ,   आज एक छोटा सा कदम उठाओ,   
डर को थोड़ा सा पास बुलाओ।   और अपने डर को थोड़ा करीब आने दो।   
साँस लो गहरी, न घबराओ,   गहरी साँस लो, घबराओ मत,   
खुद को आज तुम मुक्त कराओ।   आज तुम खुद को मुक्त कराओ।   

04   साहस का दीपक   साहस का दीपक   💡🦁
साहस का दीपक जलाओ मन में,   अपने मन में साहस का दीपक जलाओ,   
आगे बढ़ो तुम हर क्षण में।   तुम हर पल आगे बढ़ते रहो।   
जीत तुम्हारी है इस रण में,   इस लड़ाई (डर से) में जीत तुम्हारी ही है,   
ताकत छिपी है हर कण में।   क्योंकि शक्ति तुम्हारे हर हिस्से में छिपी है।   

05   समर्थन का हाथ   समर्थन का हाथ   🤝💖
जब लगे राह कठिन, घबराना मत,   जब रास्ता कठिन लगे, तो घबराना नहीं,   
किसी साथी का लेना हाथ।   किसी दोस्त या समर्थक का हाथ थाम लेना।   
बात करो, रखो मन की बात,   अपनी मन की बात खुलकर कहो,   
डर से लड़ना, अकेले का न साथ।   डर से लड़ना अकेले का काम नहीं है।   

06   बदलाव की बयार   बदलाव की बयार   🌬�🌳
डर के पार है, एक नई दुनिया,   डर के उस पार एक नई और खूबसूरत दुनिया है,   
जहाँ जीवन की है मधुर धुनियां।   जहाँ जीवन की मधुरता और संगीत है।   
नई खुशियाँ, नई कहानियाँ,   वहाँ नई खुशियाँ और नई कहानियाँ हैं,   
आज़ाद कर दो अपनी रूहानियां।   अपनी आत्मा को आज़ाद कर दो।   

07   विजय का लक्ष्य   विजय का लक्ष्य   🎯🏆
खुद को दो तुम आज यह वचन,   आज तुम खुद को यह वादा दो,   
हर डर को करूँगा आज तर्पण।   कि मैं हर डर को आज तिलांजलि दूँगा (छोड़ दूँगा)।   
शक्ति और शांति का होवे अर्पण,   शक्ति और शांति हमें प्राप्त हो,   
विजय हमारी, यह है जीवन।   जीत हमारी ही है, यही जीवन का सार है।   

--अतुल परब
--दिनांक-14.10.2025-मंगळवार.
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