चक्रपाणी महाजयंती (महानुभाव पंथ): समता, सेवा और परमार्थ का अवतार-👑🧹💖💪💡🙏

Started by Atul Kaviraje, October 16, 2025, 10:34:40 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

चक्रपाणी महाजयंती (महानुभIव)-

चक्रपाणी महाजयंती (महानुभाव पंथ): समता, सेवा और परमार्थ का अवतार-

'द्वारावतीकार की झाड़ू'-

1. चरण:
द्वारावती के नाथ तुम, चक्रपाणी कहलाए,
ज्ञान और सेवा का, तुमने मार्ग दिखलाए।
राजसी जीवन छोड़कर, समता को अपनाया,
दलित-शूद्र के घर जाकर, प्रेम का दीप जलाया।
अर्थ: श्री चक्रपाणी प्रभु ने द्वारकाधीश कृष्ण का अवतार माना जाता है। उन्होंने राजसी सुख त्यागकर समता का मार्ग अपनाया और सभी वर्गों के घरों में जाकर प्रेम का संदेश दिया।
🖼� प्रतीक/इमोजी: 👑💖🤝

2. चरण:
हाथ में झाड़ू-सूप लेकर, गलियाँ रोज़ बुहारो,
अज्ञान का कूड़ा चुनकर, भक्तों को उबारो।
सात-सात घंटे प्रभु ने, किया महान यह श्रम,
मिट्टी में मिला दिया था, जग का सारा भ्रम।
अर्थ: वे प्रतिदिन घंटों तक झाड़ू और सूप लेकर द्वारावती की गलियाँ साफ़ करते थे। यह कार्य अज्ञान को दूर करने और सामाजिक भ्रम को मिटाने का प्रतीक था।
🖼� प्रतीक/इमोजी: 🧹🧺💪

3. चरण:
फलटण की उस नगरी में, लीला रची निराली,
ऊँच-नीच के बंधनों पर, डाल दी प्रभु ने जाली।
कर्मयोग का संदेश यह, प्रभु ने हमें सिखाया,
सेवा में ही छिपा है, कैवल्य का दरवाजा।
अर्थ: फलटण (द्वारावती) में उनकी लीलाएँ अनोखी थीं, जिन्होंने जातिगत बंधनों को तोड़ा। उन्होंने कर्मयोग का महत्व समझाते हुए बताया कि मोक्ष का मार्ग सेवा में है।
🖼� प्रतीक/इमोजी: 🕌🚪🔑

4. चरण:
अवरदृश्यावतार तुम, भक्तों को सुख देते,
अति सामान्य रूप में, ज्ञान सहज ही लेते।
बावन सिद्धों को तुमने, विद्या का दान दिया,
करुणा और दया का, अनुपम बखान किया।
अर्थ: वे अत्यंत सामान्य, 'छिपे हुए' रूप में अवतरित हुए और 52 सिद्धों को ज्ञान प्रदान किया। उनका यह कार्य उनकी महान करुणा को दर्शाता है।
🖼� प्रतीक/इमोजी: 💡🎁🙏

5. चरण:
महाजयंती का दिवस, आया आनंदकारी,
गाओ रे गुण उनके, जिनकी महिमा भारी।
भजन-कीर्तन गूँजते हैं, हर महानुभावी मठ में,
भक्ति का यह प्रेम-रस, बहता है हर तट में।
अर्थ: महाजयंती का दिन बहुत आनंदित करने वाला होता है। इस दिन सभी मठों और भक्तों के बीच श्री चक्रपाणी प्रभु के गुणगान और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
🖼� प्रतीक/इमोजी: 🎉🎶🛕

6. चरण:
नाम जपें हम 'द्वारावतीकार', दिन हो मंगलमय,
जीवन हो प्रकाशमय, दूर हो सारा भय।
शुद्ध करो मन भीतर से, जैसा किया प्रभु ने,
झुककर सेवा जो करे, वह ही सही मायने।
अर्थ: 'द्वारावतीकार' का नाम जपने से हमारा जीवन मंगलमय और भयमुक्त हो। प्रभु के समान मन को शुद्ध कर, विनम्रता से सेवा करना ही सच्चा जीवन है।
🖼� प्रतीक/इमोजी: ✨🧘🚫

7. चरण:
चक्रपाणी प्रभु तुम ही, मोक्ष के हो दाता,
तुमसा समतावादी, न जग में कहीं आता।
इस पावन जयंती पर, करें यह एक प्रण,
सेवा में लगाएँगे, हम अपना तन, मन, धन।
अर्थ: श्री चक्रपाणी प्रभु मोक्ष देने वाले और महान समतावादी हैं। इस जयंती पर हम सेवा के लिए अपना सब कुछ समर्पित करने का प्रण लेते हैं।
🖼� प्रतीक/इमोजी: 🛐🛐🤝

ईमोजी सारांश (Emoji Saransh): 👑🧹💖💪💡🙏

--अतुल परब
--दिनांक-15.10.2025-बुधवार.
===========================================