जीवन जीने की कला- अपनी कला में जीना, जीने की सबसे अच्छी कला है।

Started by Atul Kaviraje, October 17, 2025, 12:35:19 PM

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Atul Kaviraje

जीवन जीने की कला-

अपनी कला में जीना, जीने की सबसे अच्छी कला है।

१.
हमारे चारों ओर की दुनिया शोर से भरी है,
जो हमें आंतरिक खुशियों से विचलित करती है।
हम दूर-दूर तक उद्देश्य की तलाश करते हैं,
जबकि सच्चा उत्तर अंदर इंतजार करता है।

२.
क्योंकि हर आत्मा को बनाने के लिए बनाया गया है,
भलाई के लिए एक अनूठा मार्ग।
एक अद्वितीय उपहार, एक विशेष झुकाव,
जिस कारण से हमारा जीवन भेजा गया है।

३.
वह चीज़ ढूँढना जो आपको आज़ाद करती है,
आपका ईमानदार काम, आपका भाग्य।
मिट्टी को आकार देना या रेखा लिखना,
वह उद्देश्य वास्तव में आपको चमका देता है।

४.
गहराई और सच्चाई से अपनी कला में जीना,
आपके लिए निर्धारित भूमिका को पूरा करना है।
जब हाथ व्यस्त होते हैं, मन शांत होता है,
आप शक्ति और कौशल के साथ आगे बढ़ते हैं।

५.
यही वह तरीका है जिससे सूरज का पीछा किया जाता है,
जहाँ हर छोटा काम मजेदार होता है।
यह आत्मा और पराक्रम की एक कला है,
शुद्ध आनंद की एक स्थिर धारा।

६.
क्योंकि अन्य रास्ते आपको दर्द देंगे,
जैसे बारिश के नीचे खड़े रहना।
जीने की सबसे अच्छी कला है, बुद्धिमान और स्पष्ट,
अपने सत्य को चित्रित करना और डर पर विजय पाना।

७.
तो अपनी कहानी को चित्रित करें, बहादुर और मुक्त,
सबके देखने के लिए एक उत्कृष्ट कृति।
हर घंटे को एक रंग बनने दें,
और सबसे प्रामाणिक 'आप' को सिद्ध करें।

--अतुल परब
--दिनांक-16.10.2025-गुरुवार.
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