हिंदी कविता: भवानी माँ की वीर गाथा- शीर्षक: अभय का दीप-❤️🙏👑♾️

Started by Atul Kaviraje, October 18, 2025, 10:38:24 AM

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Atul Kaviraje

भवानी माता की वीरता और भक्तों में आत्मविश्वास जगाना-

हिंदी कविता: भवानी माँ की वीर गाथा-

शीर्षक: अभय का दीप-

कविता की पंक्तियाँ   हिंदी अर्थ   ईमोजी

अष्टभुजा वाली, सिंह पर सवार,   हे आठ भुजाओं वाली माँ, आप शेर पर विराजमान हैं,   🦁⚔️🛡�✨
भवानी माँ, करती दुष्टों का संहार।   आप ही भवानी माँ हैं, जो दुष्टों और बुराइयों का नाश करती हैं।   
खड्ग ज्ञान का, त्रिशूल सत्य का,   आपके हाथ में ज्ञान की तलवार और सत्य का त्रिशूल है,   
आप ही शक्ति, आप ही मोक्ष की कथा।   आप ही शक्ति का स्वरूप हैं, और मोक्ष (मुक्ति) की कहानी भी आप ही हैं।   

भक्तों के मन में, जब भी हो डर,   जब भी भक्तों के मन में कोई भय या शंका आती है,   🙏❌ डर 💪📚
माँ का नाम लो, हो जाओ निडर।   तो केवल माँ भवानी का नाम लेने से ही वे निर्भीक हो जाते हैं।   
वीरता आपकी, हमें पाठ सिखाती,   आपकी वीरता हमें यह शिक्षा देती है,   
चुनौतियों से कभी नहीं घबराना साथी।   कि जीवन की मुश्किलों और चुनौतियों से कभी डरना नहीं चाहिए।   

शिवाजी की प्रेरणा, आप ही आधार,   छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा का मुख्य आधार आप ही थीं,   🚩👑⚔️❤️
स्वराज्य के पथ की, आप ही तलवार।   स्वराज्य स्थापना के मार्ग की तलवार (शक्ति) भी आप ही थीं।   
लाखों दिलों में, जगाया विश्वास,   आपने लाखों भक्तों के हृदय में आत्मविश्वास जगाया,   
धर्म की रक्षा हो, यही थी आस।   और धर्म की रक्षा हो, यही उनकी (शिवाजी की) प्रबल इच्छा थी।   

क्रोध, लोभ, अहंकार ही शत्रु महान,   हमारे अंदर छिपे क्रोध, लोभ और अहंकार ही सबसे बड़े दुश्मन हैं,   😠💡🧘�♀️⬆️
इन राक्षसों पर माँ, आप दो हमें ज्ञान।   हे माँ, इन आंतरिक राक्षसों पर विजय पाने के लिए हमें ज्ञान प्रदान करें।   
मन को साधो, ध्यान को लगाओ,   मन को नियंत्रित करो और ध्यान में लगाओ,   
आंतरिक शक्ति को हर पल जगाओ।   अपनी अंदरूनी शक्ति को हर क्षण जागृत करो।   

ममतामयी माँ, ममता की छाँव,   आप प्यार से भरी माँ हैं, आपकी छत्रछाया ही ममता है,   🤱💖🕯�😌
चरणों में आकर, सब कष्ट मिटाओ।   आपके चरणों में आने से सारे दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं।   
हर बाधा को अब, तुम कर दो चूर,   अब आप ही हर रुकावट को तोड़ दें,   
आत्मविश्वास का दीप जले, हो भय दूर।   आत्मविश्वास का दिया हमेशा जलता रहे और हर डर दूर हो जाए।   

नारियों की शक्ति, आप ही प्रतीक,   हे माँ, आप नारी शक्ति का सर्वोच्च और सच्चा प्रतीक हैं,   👩�🎓💪⚖️🗣�
आत्मनिर्भरता का, देती हैं विवेक।   आप ही हमें आत्मनिर्भरता और सही-गलत का ज्ञान देती हैं।   
अन्याय के आगे, झुकना नहीं है,   हमें अन्याय के सामने कभी नहीं झुकना चाहिए,   
माँ भवानी की शिक्षा, भूलना नहीं है।   माँ भवानी की यह शिक्षा कभी नहीं भूलनी चाहिए।   

शक्ति नहीं बाहर, वो तो तेरे पास,   सच्ची शक्ति बाहर कहीं नहीं, वह तो तुम्हारे अंदर ही है,   ❤️🙏👑♾️
तू है माँ का अंश, रख खुद पर विश्वास।   तुम माँ का ही एक अंश हो, इसलिए स्वयं पर विश्वास रखो।   
जय भवानी, जय माँ जगदम्बा,   भवानी माँ और जगदम्बा की जय हो,   
तेरा आशीर्वाद, है मेरा लम्बा।   आपका आशीर्वाद मेरे लिए एक लंबी और अटूट ढाल है।

--अतुल परब
--दिनांक-17.10.2025-शुक्रवार.
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