हिंदी कविता: अंबाबाई की शरण- शीर्षक: संकट हरणी आई-👑🙏🔱❤️

Started by Atul Kaviraje, October 18, 2025, 10:42:30 AM

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Atul Kaviraje

अंबाबाई और उनके भक्तों के जीवन में 'आपदा निवारण'-

हिंदी कविता: अंबाबाई की शरण-

शीर्षक: संकट हरणी आई-

पंक्ति (हिंदी)   अर्थ (English/Hindi)   ईमोजी

1. कोल्हापुर की रानी, माँ अंबाबाई,   कोल्हापुर नगर की महारानी, माँ अंबाबाई,   👑🙏🔱❤️
तीन लोक में, तेरी ही दुहाई।   तीनों लोकों में आपकी ही पुकार (सहायता) है।   
तू महालक्ष्मी, तू ही है दुर्गा,   आप महालक्ष्मी हैं, आप ही दुर्गा का स्वरूप हैं,   
संकट हरणी आई, तू ही शुभ सरगा।   संकटों को हरने वाली माँ, आप ही शुभ स्वर्ग (कल्याण) हैं।   

| 2. जब-जब आया, जीवन में अँधेरा, | जब भी हमारे जीवन में अंधकार और संकट आया, | 🌑➡️☀️🛡�❌ |
| तेरा ही नाम, बना एक सवेरा। | तब आपका नाम ही हमारे लिए एक नई सुबह बन गया। | |
| वित्तीय बाधा हो, या रोग का डर, | चाहे वह धन संबंधी रुकावट हो, या किसी बीमारी का भय, | |
| तेरे कवच से, मिट जाए हर पर। | आपके सुरक्षा कवच से हर क्षण वह मिट जाता है। | |

| 3. मन का भय भी, करती हो दूर, | आप हमारे मन में बैठा डर भी दूर कर देती हैं, | 😌💪✨🎯 |
| जीवन में भरती हो, भक्ति का नूर। | और हमारे जीवन में भक्ति का प्रकाश भर देती हैं। | |
| आत्मविश्वास का, देती हो बल, | आप हमें आत्मविश्वास की शक्ति प्रदान करती हैं, | |
| आपदा निवारण, हर पल हर पल। | और हर पल, हर क्षण आप आपदाओं को दूर करती हैं। | |

| 4. श्री सूक्त की ध्वनि, जब हो निरंतर, | जब हम श्री सूक्त का पाठ लगातार करते हैं, | 📜☀️💰📈 |
| किरणोत्सव का, तेज है सुंदर। | तब सूर्य की किरणों का तेज (किरणोत्सव) अद्भुत लगता है। | |
| तेरी ही कृपा से, स्थिर हो व्यापार, | आपकी ही कृपा से हमारा व्यापार स्थिर रहता है, | |
| दरिद्रता भागे, हो जाए उद्धार। | गरीबी दूर भाग जाती है और हमारा कल्याण होता है। | |

| 5. कन्या पूजन से, नारी का सम्मान, | कन्याओं की पूजा करके नारी शक्ति का आदर होता है, | 👧🙏⚔️🕊� |
| तू ही आदि शक्ति, तू ही शक्तिमान। | आप ही आदि शक्ति हैं, और आप ही सबसे शक्तिशाली हैं। | |
| हिंसा और द्वेष, का हो शमन, | हिंसा और नफरत का नाश हो जाए, | |
| माँ के हाथों में, है सबका अमन। | माँ के हाथों में ही सबकी शांति और सुरक्षा है। | |

| 6. दान और धर्म का, चलता रहे कर्म, | दान और अच्छे कर्मों का सिलसिला चलता रहे, | 🎁🚢🌊⚓ |
| तेरा ही नाम है, मेरा परम धर्म। | आपका नाम ही मेरे लिए सबसे बड़ा धर्म है। | |
| जीवन की नैया, डोले चाहे जितनी, | जीवन की नाव कितनी भी डगमगाए, | |
| पार लगाती हो, हर दम तुम ही। | आप ही हर बार उसे पार लगाती हैं। | |

| 7. अंबाबाई की शरण, जो भक्त है आया, | जो भी भक्त माँ अंबाबाई की शरण में आया है, | 👑🙏🕉�🤱 |
| खाली झोली को, भरती है माया। | माँ उनकी खाली झोली को अपनी शक्ति से भर देती हैं। | |
| जय महालक्ष्मी, जय कोल्हपुराई, | जय हो महालक्ष्मी, जय हो कोल्हापुर की देवी, | |
| तू ही मोक्षदायिनी, तू ही जग की आई। | आप ही मोक्ष देने वाली और आप ही सारे जग की माँ हैं। | |

--अतुल परब
--दिनांक-17.10.2025-शुक्रवार.
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