।। वास्तु शास्त्र में सूर्य देव का स्थान: ऊर्जा, आरोग्य और समृद्धि का स्रोत ।।

Started by Atul Kaviraje, October 19, 2025, 08:05:55 PM

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Atul Kaviraje

।। वास्तु शास्त्र में सूर्य देव का स्थान: ऊर्जा, आरोग्य और समृद्धि का स्रोत ।। 🌞✨🏠-

सूर्य का वास-

1.
सूर्य है वास्तु का आधार, वही हर घर का मुख्य स्तंभ।
वह पूर्व दिशा का राजा है, तेज और जीवन का साथी है।

2.
जब पहली किरण दरवाज़े पर आती है, वह सौभाग्य और स्वास्थ्य साथ लाती है।
वह विटामिन-डी का दाता है, हर रोगाणु को दूर भगाता है।

3.
तांबे के कलश में जल भरो, सूर्य को अर्घ्य दो और शीश नवाओ।
नारंगी रंग की आभा, घर को एक नया सौंदर्य देती है।

4.
ईशान कोण में हो पूजास्थल, गुरु और शिव का प्रकाश वहां स्थिर हो।
अग्नि कोण में रसोई सजे, सूर्य के तेज से कार्य सफल हों।

5.
नेतृत्व, सम्मान और पहचान – सूर्यदेव ये वरदान देते हैं।
जब वास्तु में भक्ति हो, तब गृहस्वामी को शक्ति मिलती है।

6.
खिड़कियाँ खोलो, प्रकाश को आने दो, घर को नया जीवन मिलने दो।
जिस घर में पर्याप्त धूप नहीं होती, वहां ऊर्जा अधूरी रह जाती है।

7.
सूर्य प्रकाश है, सूर्य प्राण है, सूर्य से ही सबको ज्ञान मिलता है।
वास्तु में यदि सूर्य का सही स्थान हो, तो जीवन सफल और महान बनता है।

--अतुल परब
--दिनांक-19.10.2025-रविवार.
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