🙏 रमा एकादशी: भक्ति, समृद्धि और मोक्ष का पावन पर्व 🙏🎶🔱 😇 🎁

Started by Atul Kaviraje, October 19, 2025, 08:10:34 PM

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Atul Kaviraje

रमा एकादशी-

🙏 रमा एकादशी: भक्ति, समृद्धि और मोक्ष का पावन पर्व 🙏

📝 हिन्दी कविता: रमा एकादशी पर-

चरण (Stanza)   कविता (Poem)   हिन्दी अर्थ (Meaning)

1   कार्तिक माह की आई एकादशी,
कृष्ण पक्ष में 'रमा' पुकारी।
हरी और रमा का मिलन दिवस यह,
दूर करे सब चिंता भारी।   यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के मिलन का प्रतीक है जो सब चिंता हर लेता है।

2   आज रमा रानी की पूजा होगी,
कमल के फूल 🌸 और दीपक जलेगा।
विष्णु जी का ध्यान जो भी करेगा,
उसका जीवन अवश्य फलेगा।   रमा (लक्ष्मी) की पूजा कमल और दीप से होती है। ध्यान करने से जीवन सफल होता है।

3   शोभन की कथा सुनाती यह तिथि,
दृढ़ संकल्प का पाठ पढ़ाती।
चंद्रभागा की अटूट भक्ति से,
मृत पति को भी मोक्ष दिलाती।   यह तिथि हमें दृढ़ निश्चय और भक्ति का महत्व सिखाती है।

4   दीपदान का आज बड़ा महत्व है,
घर-घर में हो शुभ उजियारा।
अंधकार मिट जाए जीवन का,
बह जाए भक्ति की पावन धारा।   दीपदान से घर में उजाला और मन में भक्ति का प्रकाश फैलता है।

5   धन-धान्य की देवी 'रमा' है,
ऐश्वर्य और सुख की दाता।
उनसे माँग लो निर्मल श्रद्धा,
वही है जगत की माता।   रमा देवी सुख-समृद्धि की देवी हैं, उनसे शुद्ध श्रद्धा मांगनी चाहिए।

6   व्रत का नियम सब करें प्रेम से,
अन्न-जल का त्याग सुहाए।
प्रभु के चरण में मन को लगाकर,
पापों से मुक्ति यह दिलाए।   प्रेमपूर्वक व्रत कर मन प्रभु में लगाएं, इससे पापों से मुक्ति मिलती है।

7   आओ! रमा एकादशी मनाएँ,
मिलकर गाएँ हरि गुणगान।
अंत समय में मोक्ष ही मिले हमको,
यही है सबसे बड़ा वरदान।   सभी मिलकर पर्व मनाएं, भजन करें और अंत में मोक्ष प्राप्ति की कामना करें।

इमोजी/सारांश: 🎶🔱 😇 🎁

--अतुल परब
--दिनांक-17.10.2025-शुक्रवार.
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