कावेरी संक्रमण स्नान: दक्षिण की गंगा में शुद्धि और पुण्य का संगम 🔱🙏-🌊 शुद्धि

Started by Atul Kaviraje, October 19, 2025, 08:13:58 PM

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Atul Kaviraje

कावेरी संक्रमण स्नान-

कावेरी संक्रमण स्नान: दक्षिण की गंगा में शुद्धि और पुण्य का संगम 🔱🙏-

हिन्दी कविता: कावेरी संक्रमण-

चरण (Stanza)   कविता (Poem)   हिन्दी अर्थ (Hindi Meaning)

1   आज सत्रह 🗓� अक्टूबर की घड़ी,   
कावेरी संक्रमण 🌊 का त्योहार।      
तालकावेरी ⛰️ में उमड़ी भीड़,      
भक्तों के मन में है जयकार।   अर्थ: आज 17 अक्टूबर का शुभ समय है, कावेरी संक्रमण का त्योहार है। तालकावेरी (उद्गम स्थल) में भक्तों की भीड़ जमा हो गई है, सबके मन में जय-जयकार है।   

2   तुला ⚖️ में सूर्य ☀️ का है प्रवेश,   
रवि की नीचता का हो नाश।      
दक्षिण की गंगा 🙏 में जो नहाए,      
पूरी हो जीवन की हर आस।   अर्थ: सूर्य देव का तुला राशि में प्रवेश हुआ है, जिससे उनकी नीचता (कमजोरी) का नाश होता है। दक्षिण की गंगा (कावेरी) में जो स्नान करता है, उसकी जीवन की हर इच्छा पूरी होती है।   

3   अगस्त्य मुनि के कमंडल 💧 से,   
बह निकली लोपामुद्रा की धार।      
जन-कल्याण हेतु नदी बन गईं,      
जीवनदायिनी का अनुपम प्यार।   अर्थ: महर्षि अगस्त्य के कमंडल से लोपामुद्रा की जलधारा बह निकली। वह लोगों के कल्याण के लिए नदी बन गईं, यह जीवन देने वाली देवी का अद्भुत प्रेम है।   

4   भागमंडला 🏞� में संगम पावन,   
तर्पण का होता है विधान।      
पितरों 🙏 को मिलती है शांति,      
स्नान से बढ़ता है मान।   अर्थ: भागमंडला में नदियों का पवित्र संगम है, जहाँ पितरों को तर्पण देने की विधि होती है। इस स्नान से पितरों को शांति मिलती है और व्यक्ति का सम्मान बढ़ता है।   

5   कावेरम्मा 🪷 की पूजा करें सब,   
नारियल 🥥 और गुड़ का भोग।      
धान 🌾 और गेहूँ से भरी थाली,      
दूर हो खेती के सारे रोग।   अर्थ: सभी लोग कावेरम्मा देवी की पूजा करते हैं, उन्हें नारियल और गुड़ का भोग लगाते हैं। धान और गेहूँ से भरी थाली अर्पित करते हैं, जिससे खेती के सभी रोग दूर हों।   

6   पुण्य काल ⏰ में दान करें जो,   
अश्वमेध यज्ञ का फल पाए।      
वस्त्र और अन्न का हो दान,      
जीवन में समृद्धि यूँ आए।   अर्थ: जो पुण्य काल में दान करते हैं, वे अश्वमेध यज्ञ के समान फल पाते हैं। वस्त्र और अन्न का दान हो, जिससे जीवन में समृद्धि आए।   

7   नदियों का आदर हम करें सदा,   
प्रकृति का वंदन हो हर बार।      
शुद्धि और भक्ति का पर्व है यह,      
कावेरी 🌊 का जय-जयकार।   अर्थ: हमें हमेशा नदियों का सम्मान करना चाहिए और हर बार प्रकृति को नमन करना चाहिए। यह शुद्धि और भक्ति का त्योहार है, कावेरी देवी की जय-जयकार हो।   
इमोजी सारांश:

🌊 शुद्धि ✨ मोक्ष 🪷 भक्ति ☀️ संतुलन

--अतुल परब
--दिनांक-17.10.2025-शुक्रवार.
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