शांति के लिए प्रार्थना-

Started by Atul Kaviraje, October 19, 2025, 08:50:58 PM

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Atul Kaviraje

शांति के लिए प्रार्थना-

प्रभु, युद्ध की तुरही को शांत कराओ; पूरी पृथ्वी को शांति में समेट लो।

१.
बंदूकों का धातु का झंकार और डर,
मृतकों का शोकपूर्ण मौन।
हम अपनी चिंतित निगाहें ऊपर उठाते हैं,
और अनुग्रह, और चिरस्थायी प्रेम माँगते हैं।

२.
हे, महान शक्ति, जिसका हाथ दयालु है,
हर मन से घृणा को दूर कर दो।
हर संघर्ष को अब शांत किया जाए,
इससे पहले कि और निर्दोष खून बहाया जाए।

३.
तुरही सैनिक के कदमों को बुलाती है,
हर गली में मार्च करने की आवाज़।
प्रभु, युद्ध की तुरही की आवाज़ को शांत कराओ,
और भयानक खतरे को गुजर जाने दो।

४.
यह दुनिया थकी हुई, घिसी हुई और धूसर है,
रात-दिन लड़े गए युद्ध से।
युद्धविराम के झंडे तेज़ी से फहराए जाएँ,
अपने संसार का संतुलन बहाल करो।

५.
हम दुश्मन रहित ज़मीनों का सपना देखते हैं,
जहाँ दयालुता के बीज आज़ादी से उगते हैं।
जहाँ बच्चे बिना किसी चिंता के खेलते हैं,
और हर हवा में आशा साँस ली जाती है।

६.
बीच में खड़ी दीवारों को गिरा दो,
अंधेरे को चमक से बदल दो।
पूरी पृथ्वी को शांति में समेट लो, हम प्रार्थना करते हैं,
और सार्वभौमिक दिन का स्वागत करें।

७.
मानव आवाज़ें उठें और मिलें,
स्पष्ट और मधुर दोनों तरह की धुनों में।
कोमल मौन विशालता को भर दे,
अतीत की परछाइयों से मुक्त एक भविष्य।

--अतुल परब
--दिनांक-19.10.2025-रविवार.
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