हिंदी कविता: दीपों का उत्सव- 🪔 दीपावली की रोशनी 🪔-🤝🌟🕉

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:31:35 AM

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Atul Kaviraje

दीपावली - प्रकाश और आनंद का पर्व-

हिंदी कविता: दीपों का उत्सव-

🪔 दीपावली की रोशनी 🪔-

चरण 1:
आई दिवाली, खुशियों की बहार,
घर-घर जगमग, उजियारा अपार।
रंगोली सजी, दीपक जगमगाते,
मन के सारे अंधेरे मिट जाते। 🌼🪔✨

अर्थ: दीपावली आ गई है, जो खुशियाँ लेकर आई है। हर घर में रोशनी और चमक है। रंगोली सजी हुई है और दीपक चमक रहे हैं, जो मन के सारे अंधेरे (दुख और नकारात्मक विचार) दूर कर देते हैं।

चरण 2:
लक्ष्मी-गणेश आए घर अपना,
दे आशीर्वाद, सुख-संपत्ति देना।
मिठाइयाँ बाँटे, प्यार बिखेरें,
सबके दिलों में खुशियाँ भरें। 🙏🍬❤️

अर्थ: माता लक्ष्मी और भगवान गणेश हमारे घर आते हैं और हमें आशीर्वाद देते हैं, जिससे हमें सुख और धन मिलता है। हम मिठाइयाँ बाँटते हैं और प्यार फैलाते हैं, जिससे सबके दिल खुशी से भर जाते हैं।

चरण 3:
पटाखों की आवाज, आसमान में चमक,
बच्चों की हँसी, मन में उमंग।
पर याद रहे, प्रदूषण न फैले,
दीयों का उजाला, दिलों में समाए। 🎇😄🌱

अर्थ: पटाखों की आवाज़ और रोशनी से आसमान चमक उठता है और बच्चों की हँसी से मन में उत्साह भर जाता है। लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि पर्यावरण प्रदूषण न फैले। दीयों की रोशनी हमारे दिलों में बस जाए।

चरण 4:
यह त्योहार है, अंधेरे से जीत का,
ज्ञान के प्रकाश, सच्ची प्रीत का।
दिल से दिल मिले, बढ़े एकता,
दिवाली की यही सुन्दर भावना। 🤝🌟🕉

अर्थ: दीपावली अंधकार पर प्रकाश की जीत का त्योहार है, ज्ञान के प्रकाश और सच्चे प्यार का त्योहार है। इस दिन दिल एक-दूसरे से मिलते हैं और एकता बढ़ती है। यही दीपावली की सबसे सुंदर भावना है।

--अतुल परब
--दिनांक-20.10.2025-सोमवार.
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