हिंदी कविता: नरक चतुर्दशी का प्रकाश- 🪔 प्रभात की पहली किरण 🪔💖✨😊

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:32:29 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

नरक चतुर्दशी - अंधकार पर प्रकाश की पहली जय-

हिंदी कविता: नरक चतुर्दशी का प्रकाश-

🪔 प्रभात की पहली किरण 🪔

चरण 1:
अंधेरी रात का अंत हुआ है,
नरकासुर का संहार हुआ है।
प्रातः किरणों में नहाया संसार,
मिट गया सबका भय, अंधकार। 🌅🪔✨

अर्थ: बुराई और अंधकार की रात समाप्त हो गई है और नरकासुर जैसे राक्षस का अंत हो गया है। सुबह की पहली किरणों में संसार नहा रहा है और सबका डर और अंधकार दूर हो गया है।

चरण 2:
उबटन सुगंधित लगाकर तन पर,
किया प्रातः स्नान मन के मल हर।
तेल-तिल का दीपक जला कर,
बुराइयों से लिया टक्कर। 🛀🌿🔥

अर्थ: शरीर पर सुगंधित उबटन लगाकर और सुबह स्नान करके मन के सारे मैल (बुरे विचार) धो दिए गए हैं। तिल के तेल का दीया जलाकर बुराइयों को चुनौती दे दी गई है।

चरण 3:
छोटी दिवाली का यह पावन दिन,
सिखाता है जीवन का अमर विधान।
अंदर के राक्षस को मारो,
ज्ञान का दीपक जलाकर अपनाओ। 🏮📜💡

अर्थ: छोटी दिवाली का यह पवित्र दिन जीवन का एक महत्वपूर्ण नियम सिखाता है। अपने अंदर के राक्षस (क्रोध, लालच) को मारो और ज्ञान के दीपक को जलाकर उसे अपनाओ।

चरण 4:
कृष्ण की कथा याद दिलाती,
सत्यभामा साथ लड़ना सिखाती।
बुराई अकेले नहीं, सब मिलकर,
करें उसका अंत, खुशियाँ मनाकर। 🚩👸🤝

अर्थ: भगवान कृष्ण की कथा याद दिलाती है और सत्यभामा के साथ मिलकर लड़ना सिखाती है। बुराई से अकेले नहीं, बल्कि सब मिलकर लड़ना चाहिए और उसका अंत करके खुशियाँ मनानी चाहिए।

चरण 5:
रूप चौदस का संदेश सुन्दर,
सजो अपना मन, बनो निर्मल-अंतर।
श्रृंगार बाहरी नहीं, अंतर का,
वही तो है असली सौंदर्य। 💖✨😊

अर्थ: रूप चौदस का संदेश बहुत सुंदर है, अपने मन को सजाओ और अपने अंदर को शुद्ध और निर्मल बनाओ। असली सौंदर्य बाहरी श्रृंगार नहीं, बल्कि आंतरिक शुद्धता है।

चरण 6:
दीपावली की यह पूर्व सूचना,
लाती है जीवन में नई चेतना।
सफाई की, शुद्धता की, प्रकाश की,
यही तो है नरक चतुर्दशी। 🧹💧🪔

अर्थ: यह त्योहार दीपावली के आगमन की सूचना देता है और जीवन में एक नई चेतना लेकर आता है। यह सफाई, शुद्धता और प्रकाश का त्योहार है। यही नरक चतुर्दशी का सार है।

चरण 7:
मुबारक हो यह त्योहार तुम्हें,
मिटे तुम्हारा भी अंधकार सभी।
जगमगाए तुम्हारा भी जीवन,
हर पल बने प्रकाश से भरपूर। 🥳🌟🙏

अर्थ: यह त्योहार आपको मुबारक हो। आपका सारा अंधकार (दुख) दूर हो जाए। आपका जीवन भी रोशनी से जगमगा उठे और हर पल प्रकाश से भरपूर हो।

--अतुल परब
--दिनांक-20.10.2025-सोमवार.
===========================================