अभ्यंग स्नान का मंगल गान- 🪔 तेल की धार, स्वास्थ्य का वरदान 🪔🌅🛢️✨

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:33:19 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

अभ्यंग स्नान - तन-मन की शुद्धि का पावन अनुष्ठान-

हिंदी कविता: अभ्यंग स्नान का मंगल गान-

🪔 तेल की धार, स्वास्थ्य का वरदान 🪔

चरण 1:
प्रभात की बेला, ब्रह्म मुहूर्त में,
शुरू होता यह पावन अनुष्ठान।
तेल की मालिश, उबटन की सुगंध,
सारे तन-मन की होती है शुद्धि। 🌅🛢�✨

अर्थ: सुबह के समय, ब्रह्म मुहूर्त में, यह पवित्र अनुष्ठान शुरू होता है। तेल की मालिश और उबटन की सुगंध से पूरे शरीर और मन की शुद्धि हो जाती है।

चरण 2:
तिल के तेल की शीतल धारा,
सर्द हवाओं से देती रक्षा।
हल्दी-चंदन की लगे उबटन,
त्वचा हो जाए कोमल और कांतिमान। 🛢�❄️💛

अर्थ: तिल के तेल की ठंडक भरी धार सर्द हवाओं से बचाती है। हल्दी और चंदन की उबटन लगाने से त्वचा कोमल और चमकदार हो जाती है।

चरण 3:
धुल जाते हैं सारे पाप रज,
मिलती है मन को अद्भुत ताजगी।
नरक चतुर्दशी का यह संकल्प,
स्वस्थ जीवन का अमर विधान। 🧼😇🌿

अर्थ: इस स्नान से सारे पाप और गंदगी धुल जाते हैं और मन को अद्भुत ताजगी मिलती है। नरक चतुर्दशी का यह संकल्प स्वस्थ जीवन जीने का एक शाश्वत नियम है।

चरण 4:
शरीर यह मंदिर है आत्मा का,
इसका करो सम्मान और पूजन।
अभ्यंग स्नान है पूजा का रूप,
यही संदेश है भगवान का। 🙏🏛�💖

अर्थ: शरीर आत्मा का मंदिर है, इसका सम्मान और पूजन करो। अभ्यंग स्नान इसी पूजा का एक रूप है, यही संदेश भगवान का है।

चरण 5:
आयुर्वेद की यह अमर देना,
विज्ञान भी करता है इसे मान।
स्वास्थ्य का खजाना छुपा है,
इस पावन परंपरा के सूत्र में। 🌿🔬💎

अर्थ: यह आयुर्वेद की एक शाश्वत देन है, जिसे विज्ञान भी मानता है। इस पवित्र परंपरा के सूत्र में स्वास्थ्य का खजाना छुपा हुआ है।

चरण 6:
सर्दी में यह देता गर्माहट,
गर्मी में देता है ठंडक।
वर्षा में नमी से बचाव है,
ऋतु चक्र में संतुलन है रचता। 🌞❄️🌧�⚖️

अर्थ: यह स्नान सर्दी में गर्माहट देता है, गर्मी में ठंडक देता है और बारिश में नमी से बचाव करता है। यह मौसम के चक्र में शरीर का संतुलन बनाए रखता है।

चरण 7:
मुबारक हो यह परंपरा तुम्हें,
जीवन भर रहो तंदुरुस्त और स्वस्थ।
अभ्यंग स्नान का लो संकल्प,
पाओ ईश्वर का अनंत आशीर्वाद। 🥳🌟🙏

अर्थ: यह परंपरा आपको मुबारक हो, आप जीवन भर तंदुरुस्त और स्वस्थ रहो। अभ्यंग स्नान का संकल्प लो और ईश्वर का अनंत आशीर्वाद प्राप्त करो।

--अतुल परब
--दिनांक-20.10.2025-सोमवार.
===========================================