सोमवती अमावस्या की पावन छाया- 🪔 पितरों का आशीर्वाद 🪔🌑🙏✨

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:34:08 AM

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Atul Kaviraje

सोमवती अमावस्या - पितृ तर्पण और मोक्ष का पावन संगम-

हिंदी कविता: सोमवती अमावस्या की पावन छाया-

🪔 पितरों का आशीर्वाद 🪔

चरण 1:
सोमवार की अमावस्या, पुण्य घड़ी है आई।
पितरों का आशीर्वाद, सब पर बरसा है लाई।
पापों का अंधकार, इससे मिटे सारा।
जीवन में फैलेगा, प्रकाश अपार। 🌑🙏✨

अर्थ: सोमवार की अमावस्या की पवित्र घड़ी आ गई है। पितरों का आशीर्वाद सब पर बरस रहा है। इस दिन सारे पापों का अंधकार मिट जाता है और जीवन में अपार प्रकाश फैलता है।

चरण 2:
गंगा-यमुना के तीर, करो स्नान ध्यान।
तर्पण का जल अर्पित, करो पितरों का मान।
मुक्ति का मार्ग है यह, पितृ ऋण से मुक्ति पाओ।
सुख-समृद्धि का वरदान, अपने जीवन में लाओ। 🌊💧🕊�

अर्थ: गंगा-यमुना के किनारे स्नान और ध्यान करो। पितरों का सम्मान करते हुए उन्हें तर्पण के लिए जल अर्पित करो। यह मुक्ति का मार्ग है, पितृ ऋण से मुक्ति पाओ और अपने जीवन में सुख-समृद्धि का वरदान लाओ।

चरण 3:
पीपल के वृक्ष तले, करो परिक्रमा एक सौ आठ।
धागा लपेट कर मनाओ, सावित्री का साथ।
सत्यवान को जीवनदान, दिया था जिसने।
वही शक्ति देती है, हमें भी नव जीवन। 🌳🔁👩

अर्थ: पीपल के पेड़ के नीचे 108 परिक्रमा करो और धागा लपेटकर सावित्री का साथ मनाओ। जिस (सावित्री) ने सत्यवान को जीवनदान दिया था, वही शक्ति हमें भी नया जीवन देती है।

चरण 4:
सुहागन सज-धज कर, करती हैं पूजन।
मंगलमय जीवन की, करती हैं कामन।
अखंड सौभाग्य का, यह व्रत है आधार।
पति की दीर्घ आयु का, यही है उपहार। 💍🌸❤️

अर्थ: सुहागन सज-धज कर पूजा करती हैं और मंगलमय जीवन की कामना करती हैं। अखंड सौभाग्य का यह व्रत आधार है। पति की लंबी उम्र ही इसका सबसे बड़ा उपहार है।

चरण 5:
दान-पुण्य का है, यह श्रेष्ठतम दिन।
गरीब-अनाथ को, दो अन्न-वस्त्र-धन।
ईश्वर की कृपा से, भर जाएगा भंडार।
मिलेगा जीवन में, सुख और अपार। 🎁💰🏠

अर्थ: यह दान-पुण्य करने का सबसे श्रेष्ठ दिन है। गरीब-अनाथ को अन्न, वस्त्र और धन दो। ईश्वर की कृपा से भंडार भर जाएगा और जीवन में अपार सुख मिलेगा।

चरण 6:
प्रकृति का सम्मान, इस दिन है सीख।
पीपल-नदी की करो, पूजा अमूल्य रीत।
पर्यावरण रक्षा का, यही है संदेश।
जीवन में लाओ, स्वच्छता और विशेष। 🌍🌳💧

अर्थ: इस दिन प्रकृति का सम्मान करना सीखो। पीपल और नदी की पूजा करो, यह एक अमूल्य रीति है। पर्यावरण रक्षा का यही संदेश है, जीवन में स्वच्छता और विशेषता लाओ।

चरण 7:
मुबारक हो यह पर्व, तुम्हें हे मन चंद।
धर्म-कर्म का रास्ता, सदा बना रहें प्रबल।
पितरों का आशीर्वाद, सदा बना रहे साथ।
हर मुश्किल आसान हो, यही है संदेश। 🥳🌟🙏

अर्थ: हे मन रूपी चंद्र, यह पर्व तुम्हें मुबारक हो। धर्म और कर्म का रास्ता सदा प्रबल बना रहे। पितरों का आशीर्वाद सदा साथ बना रहे और हर मुश्किल आसान हो जाए, यही इसका संदेश है।

--अतुल परब
--दिनांक-20.10.2025-सोमवार.
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