यम तर्पण का पावन स्मरण- 🪔 पितरों का आशीष 🪔🌑🙏✨

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:35:08 AM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

यम तर्पण - पितृ ऋण से मुक्ति का पावन अनुष्ठान-

हिंदी कविता: यम तर्पण का पावन स्मरण-

🪔 पितरों का आशीष 🪔

चरण 1:
सोमवती अमावस्या का, यह पुण्य दिन लाया।
यम तर्पण का अनुष्ठान, हम सबको याद दिलाया।
पितरों के ऋण से, मुक्ति का है यह साधन।
जीवन में लाएँ, सुख-शांति और धन। 🌑🙏✨

अर्थ: सोमवती अमावस्या का यह पवित्र दिन लेकर आया है। यम तर्पण का अनुष्ठान हम सबको याद दिलाता है। यह पितरों के ऋण से मुक्ति का साधन है और जीवन में सुख, शांति और धन लाता है।

चरण 2:
काले तिल और जल ले, कुशा से करें तर्पण।
यमराज को प्रसन्न कर, पितरों को दें वरदान।
मुक्त होवे आत्मा, पाए वह शाश्वत शांति।
हम पर बरसें, पितरों की अनंत कृपा-बरसात। 🖤💧🌿

अर्थ: काले तिल और जल लेकर, कुशा से तर्पण करें। यमराज को प्रसन्न करके पितरों को वरदान दें। (इससे) आत्मा मुक्त हो और शाश्वत शांति पाए। हम पर पितरों की अनंत कृपा की बरसात हो।

चरण 3:
कुतुप और रोहिण काल में, जब सूर्य हो मध्यान्ह।
तब ही तर्पण का, महत्व है अति विशेष।
सीधे पितरों तक, पहुँचता है जल अर्पण।
मिट जाते हैं, सभी दोष और अपराध। 🕛☀️🕉

अर्थ: कुतुप और रोहिण काल में, जब सूर्य मध्यान्ह में होता है, तब तर्पण का विशेष महत्व है। (इस समय) जल अर्पण सीधे पितरों तक पहुँचता है और सभी दोष और अपराध मिट जाते हैं।

चरण 4:
दानवीर कर्ण की, याद दिलाती है कथा।
बिना तर्पण के, स्वर्ग में भी नहीं मिली शांति।
सीख लो इससे, हे मानव तू यह पाठ।
पितरों का तर्पण, है तेरा परम कर्तव्य। 👑📜💡

अर्थ: (यह) दानवीर कर्ण की कथा याद दिलाती है, जिसे बिना तर्पण के स्वर्ग में भी शांति नहीं मिली। हे मानव, इससे यह पाठ सीख लो कि पितरों का तर्पण करना तेरा परम कर्तव्य है।

चरण 5:
यमुना तट पर बैठ, करो यह पावन कर्म।
यमराज का भय, दूर हो जाएगा सभी का।
मिलेगा मोक्ष का, अमूल्य और अनमोल रत्न।
जीवन सफल हो, यही है अटल वचन। 🌊🏞�🕊�

अर्थ: यमुना तट पर बैठकर यह पवित्र कर्म करो। यमराज का भय सबका दूर हो जाएगा। मोक्ष रूपी अमूल्य और अनमोल रत्न मिलेगा। जीवन सफल हो, यही अटल वचन है।

चरण 6:
श्रद्धा और विश्वास से, भरा हो मन तुम्हारा।
तभी फलित होगा, यह तर्पण का विधान।
पितरों का आशीर्वाद, बने तुम्हारा साथ।
हर मुश्किल में, दे तुम्हें सहारा। 💖🌟🤝

अर्थ: तुम्हारा मन श्रद्धा और विश्वास से भरा हो, तभी यह तर्पण का विधान फलित होगा। पितरों का आशीर्वाद तुम्हारा साथ बने और हर मुश्किल में तुम्हें सहारा दे।

चरण 7:
मुबारक हो यह दिन, हे मन चंद्र तुम्हें।
पितृ ऋण से मुक्त, हो जाओ सब इससे।
धर्म का पालन, करो तुम हरिशं से।
यम तर्पण का, यही है सार संदेश। 🥳🌙🙏

अर्थ: हे मन रूपी चंद्र, यह दिन तुम्हें मुबारक हो। इससे सब पितृ ऋण से मुक्त हो जाओ। खुशी से धर्म का पालन करो। यम तर्पण का यही सार संदेश है।

--अतुल परब
--दिनांक-20.10.2025-सोमवार.
===========================================