आश्विन अमावस्या की पुण्य छाया- 🪔 पितरों का आशीष 🪔🌑🙏💧

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:36:51 AM

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Atul Kaviraje

आश्विन अमावस्या / दर्शा अमावस्या - पितृ तर्पण का परम सन्धि-क्षण-

हिंदी कविता: आश्विन अमावस्या की पुण्य छाया-

🪔 पितरों का आशीष 🪔

चरण 1:
आश्विन अमावस्या का, यह पुण्य दिन आया।
पितृ पक्ष का समापन, सबको सन्देश दिलाया।
तर्पण का जल अर्पित, करो हे मन लगाकर।
पितरों का आशीर्वाद, पाओ तुम हर दम। 🌑🙏💧

अर्थ: आश्विन अमावस्या का यह पवित्र दिन आया है। इसने पितृ पक्ष का समापन करके सबको संदेश दिलाया है। हे मन, लगन से तर्पण का जल अर्पित करो और हर पल पितरों का आशीर्वाद पाओ।

चरण 2:
काले तिल और कुशा ले, करो तर्पण विधि विधान।
यमराज को प्रसन्न कर, पितरों को दो सम्मान।
मुक्त हो आत्मा सारी, पाएँ वे शाश्वत शांति।
हम पर बरसे, पितरों की असीम कृपा-बरसात। 🖤🌿🕊�

अर्थ: काले तिल और कुशा लेकर, विधि-विधान से तर्पण करो। यमराज को प्रसन्न करके पितरों को सम्मान दो। सभी आत्माएँ मुक्त होकर शाश्वत शांति पाएँ और हम पर पितरों की असीम कृपा की बरसात हो।

चरण 3:
सर्वपितृ अमावस्या है, सबका तर्पण होगा।
जिसकी तिथि भूल गए, उसका भी कल्याण होगा।
दान-पुण्य का यह, श्रेष्ठतम अवसर है।
गरीब-अनाथ को दो, अन्न-वस्त्र-धन सारा। 🌟🤝🎁

अर्थ: यह सर्वपितृ अमावस्या है, सबका तर्पण होगा। जिसकी तिथि भूल गए, उसका भी कल्याण होगा। दान-पुण्य का यह सबसे श्रेष्ठ अवसर है, गरीब-अनाथ को अन्न, वस्त्र और सारा धन दो।

चरण 4:
गंगा-यमुना तट पर, जुटते हैं सब लोग।
सामूहिक तर्पण का, यह अद्भुत दृश्य है।
एकता और भाईचारे का, यह पावन संदेश।
धर्म और संस्कृति का, यह अमर उपदेश। 🌊👨�👩�👧�👦❤️

अर्थ: गंगा-यमुना के तट पर सभी लोग जुटते हैं। सामूहिक तर्पण का यह अद्भुत दृश्य है। यह एकता और भाईचारे का पवित्र संदेश है। यह धर्म और संस्कृति का अमर उपदेश है।

चरण 5:
दीपावली की तैयारी, अब होगी प्रारम्भ।
पितर विदा होंगे, देवता आएँगे घर।
अमावस्या का अंधकार, दूर करे सब पाप।
फिर प्रकाश का पर्व, लेकर आएँ विश्वास। 🪔👋✨

अर्थ: अब दीपावली की तैयारी प्रारम्भ होगी। पितर विदा होंगे और देवता घर आएँगे। अमावस्या का अंधकार सब पापों को दूर करे और फिर प्रकाश का पर्व विश्वास लेकर आए।

चरण 6:
मन का मैल धुल जाए, इस पावन स्नान से।
पितरों का स्मरण कर, मिले जीवन को नई दिशा।
कृतज्ञता का भाव, हृदय में हो सदा।
यही सन्देश देती, आश्विन अमावस्या। 🛀💖🧭

अर्थ: इस पवित्र स्नान से मन का मैल धुल जाए। पितरों का स्मरण करके जीवन को नई दिशा मिले। हृदय में सदा कृतज्ञता का भाव हो। यही संदेश आश्विन अमावस्या देती है।

चरण 7:
मुबारक हो यह दिन, हे सबको बार-बार।
पितरों का आशीर्वाद, बना रहे सबके साथ।
जीवन पथ की हर बाधा, दूर हो जाए।
सुख-समृद्धि का वास, हर घर में हो जाए। 🥳🌟🏠

अर्थ: यह दिन सबको बार-बार मुबारक हो। पितरों का आशीर्वाद सबके साथ बना रहे। जीवन पथ की हर बाधा दूर हो जाए और हर घर में सुख-समृद्धि का वास हो।

--अतुल परब
--दिनांक-21.10.2025-मंगळवार.
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