नदियाँ यह जानती हैं-🌊 ☁️ 🐦 ⛈️ 🌅 🪞 ⏳

Started by Atul Kaviraje, October 21, 2025, 11:55:16 AM

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Atul Kaviraje

"नदियाँ यह जानती हैं:
कोई जल्दी नहीं है।
हम किसी दिन वहाँ पहुँच ही जाएंगे।"

— A. A. Milne-अंग्रेजी लेखक, नाटककार-

यह पंक्तियाँ धैर्य और प्राकृतिक गति में विश्वास रखने की बात करती हैं — जैसे नदियाँ बिना जल्दबाज़ी के भी अपने लक्ष्य तक पहुँच जाती हैं।

चरण 1

नदी मधुर स्वर में फुसफुसाती सुबह में, 🌊
वह जानती है पथ में पत्थर भी चमकेंगे कभी,
कोई जल्दबाज़ी नहीं, कोई भागम‑भाग नहीं,
केवल सौम्य प्रवाह हर दिन उसे आगे ले जाएगा.

चरण 2

हर एक लहर आकाश के नीचे आशा लाती है, ☁️
वह चट्टान के चारों ओर घूमती है, मोड़ पर जाती है,
वह यात्रा पर भरोसा करती है, घड़ी की टिक‑टिक पर नहीं,
और जानती है कि सागर किनारे पर है अंततः.

चरण 3

एक पक्षी आगे उड़ सकता है, उसके पंख धुंधले, 🐦
नदी देखती है शांत, उसकी दौड़ नहीं है,
वह हवा के साथ ताल मिलाती है प्रकृति का गूँज के साथ,
और पाती है अपना लय इस स्थिर गति में.

चरण 4

जब आँधियाँ आती हैं और धारा कांपने लगती है, ⛈️
वह मुड़ती है, देती है, लेकिन अपना मार्ग नहीं छोड़ती,
वह जानती है कि ताकत जल्दबाज़ी में नहीं,
और संभालती है हर बूंद आकाश के नीचे.

चरण 5

किनारा प्रतीक्षा करता है, महासागर दूर बुलाता है, 🌅
पर नदी को अब, यहाँ, प्रसन्नता है,
वह प्रवाह से बहती है घास के मैदान, जंगल, शहरों से होकर,
बिना जल्दी किए, भरोसा रखती है कि लक्ष्य निकट है.

चरण 6

हर मोड़ पर और हर गुप्त स्विमिंग‑पूल में, 🪞
नदी अपने रास्ते की यादें संजोती है,
वह समय कितना लगेगा, इसकी चिंता नहीं करती,
वह सिर्फ बहती है, हर दिन खुशी से.

चरण 7

तो तुम और मैं — अपने जीवन की नदियों के तर्ज पर — ⏳
इस फुसफुसाहट को सुनें: "कोई जल्दी नहीं",
हम कभी न कभी पहुँचेंगे वहाँ, गरिमा और शांति के साथ,
अगर हम बहें धैर्य से, बिना भागदौड़ के.

📌 Emoji सारांश: 🌊 ☁️ 🐦 ⛈️ 🌅 🪞 ⏳

--अतुल परब
--दिनांक-20.10.2025-सोमवार.
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