"शुभ दोपहर, बुधवार मुबारक हो"-सूरज से जगमगाता तट -

Started by Atul Kaviraje, October 22, 2025, 09:56:43 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ दोपहर, बुधवार मुबारक हो"

हल्की लहरों और धूप वाला एक शांत समुद्र तट

सूरज से जगमगाता तट -

चरण १
सूरज है एक सोने का सिक्का, चमकीला और नया, ☀️
सागर को यह एक अद्भुत नीला रंग देता है. 🌊
लहरें हैं कोमल, नरम और धीमी, 🌬�
एक शांत लय, ज्वार-भाटे का आना-जाना.

चरण २
रेत मेरे पैरों के नीचे गर्म है, 👣
एक मुलायम, हल्का कालीन, सूखा और मीठा.
न तेज़ हवा, न तूफ़ान का बुलावा, 🏖�
बस शांति जो मुझ पर धीरे से उतरती है.

चरण ३
छोटे, झागदार फुसफुसाहट किनारे तक आती हैं, 🐚
वे रेत पर कोमल नक्काशी बनाती हैं.
हर लहर सागर की एक साँस है, 🧘
तट के लिए अब शांत आराम करती है.

चरण ४
हवा खारेपन की सुंदरता से ताज़ा है, 💧
इस जगह पर एक शांत मुस्कान है.
प्रकाश है नरम, एक सुनहरी चमक, ✨
एकदम सही, शांतिपूर्ण, समुद्र तट का नज़ारा.

चरण ५
समुद्री पक्षी खुले पंखों पर ऊँचाई में उड़ते हैं, 🕊�
एक खुशी भरा, शांत गीत वे गाते हैं.
वे ऊपर चक्कर लगाते हैं, फिर नीचे उतरते हैं,
शांत पानी को जाते हुए देखते हैं.

चरण ६
छोटे सीप मोती जैसे सफेद हैं,
सुबह के प्रकाश को वापस चमकाते हैं. 💎
वे गहराई के रहस्य अपने में रखते हैं,
जब सारी सोई हुई चिंताएँ सोती हैं.

चरण ७
शांति का यह घंटा, एक दुर्लभ उपहार, 🎁
हर चिंता से मुक्त एक पल.
लहरें, सूरज, शांत किनारा,
मेरी इच्छा है कि यह शांति हमेशा के लिए रहे.

--अतुल परब
--दिनांक-22.10.2025-बुधवार.
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