महावीर संवत्सर की वंदना- 🪔 अहिंसा का अमर दीपक 🪔🕊️📜❤️

Started by Atul Kaviraje, October 23, 2025, 12:56:26 PM

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Atul Kaviraje

महावीर जैन संवत्-2552 आरंभ - अहिंसा और आत्मज्ञान का अमर पथ-

हिंदी कविता: महावीर संवत्सर की वंदना-

🪔 अहिंसा का अमर दीपक 🪔

चरण 1:
महावीर संवत् नया आया,
पचपन दो हजार बावन लाया।
अहिंसा और शांति का संदेश,
सबके हृदय में समाया। 📅✨🕊�

अर्थ: नया महावीर संवत् आया, जो 2552 लेकर आया है। यह अहिंसा और शांति का संदेश सबके हृदय में समा गया है।

चरण 2:
अहिंसा परमोधर्म का,
दिया था जिन्होंने संदेश।
सब जीवों से प्रेम करो,
यही है जीवन का विशेष। 🕊�📜❤️

अर्थ: जिन्होंने (महावीर) ने अहिंसा को परम धर्म का संदेश दिया। सभी जीवों से प्रेम करो, यही जीवन की विशेषता है।

चरण 3:
अनेकांतवाद का पाठ पढ़ाया,
सहिष्णुता का भाव जगाया।
सत्य के अनेक रूप हैं,
यह बात हमको समझाया। 🧩🌍🤝

अर्थ: उन्होंने अनेकांतवाद का पाठ पढ़ाया और सहिष्णुता की भावना जगाई। उन्होंने हमें समझाया कि सत्य के कई रूप हैं।

चरण 4:
अपरिग्रह का दिया मंत्र,
सादगी से जीवन बिताओ।
आवश्यकता से अधिक न संग्रहो,
इसी में सुख और शांति पाओ। 🎒😌🏡

अर्थ: उन्होंने अपरिग्रह (अनावश्यक संग्रह न करना) का मंत्र दिया, सादगी से जीवन बिताओ। आवश्यकता से अधिक न संग्रहो, इसी में सुख और शांति है।

चरण 5:
जैन मंदिरों में गूँजे,
भक्ति के मधुर गीत।
प्रवचन सुनने को इकट्ठे,
हों सब श्रद्धालु अतीव। 🛕🎶🙏

अर्थ: जैन मंदिरों में भक्ति के मधुर गीत गूँजते हैं। प्रवचन सुनने के लिए सभी श्रद्धालु बहुत उत्साह से इकट्ठे होते हैं।

चरण 6:
ध्वजा फहराएँ ऊँची,
शोभायात्रा निकले।
शांति और अहिंसा का,
संदेश सबको मिले। 🚩🚶�♂️📢

अर्थ: ऊँची ध्वजा फहराएँ और शोभायात्रा निकले। शांति और अहिंसा का संदेश सबको मिले।

चरण 7:
मुबारक हो नव संवत्सर,
ले प्रणाम हम बार-बार।
महावीर का आशीर्वाद,
बना रहे सबके संसार। 🥳🙏🌟

अर्थ: नए संवत्सर की बार-बार शुभकामनाएँ, हम बार-बार प्रणाम करते हैं। महावीर का आशीर्वाद सबके संसार में बना रहे।

--अतुल परब
--दिनांक-22.10.2025-बुधवार.
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