गोवर्धन पूजन की महिमा- 🪔 प्रकृति का पूजन 🪔🪔🗻✨

Started by Atul Kaviraje, October 23, 2025, 12:58:08 PM

Previous topic - Next topic

Atul Kaviraje

गोवर्धन पूजन - प्रकृति और भक्ति का अद्भुत संगम-

हिंदी कविता: गोवर्धन पूजन की महिमा-

🪔 प्रकृति का पूजन 🪔

चरण 1:
दीपावली के बाद आया,
गोवर्धन पूजन का दिन लाया।
प्रकृति के प्रति सम्मान,
सबके मन को भाया। 🪔🗻✨

अर्थ: दीपावली के बाद गोवर्धन पूजन का दिन आया। प्रकृति के प्रति सम्मान का यह भाव सबके मन को भा गया।

चरण 2:
गोबर से बनाएँ पर्वत,
सजाएँ फूल-माला।
दूध-दही का भोग लगाएँ,
गाएँ भजन और गाथा। 🗻🌸🍯

अर्थ: गोबर से पर्वत बनाएँ और उसे फूल-माला से सजाएँ। दूध-दही का भोग लगाएँ और भजन व गाथाएँ गाएँ।

चरण 3:
गाय-बैलों को नहलाएँ,
पहनाएँ हार और घंटी।
उन्हें खिलाएँ गुड़-चना,
करें उनकी पूजा वंदनी। 🐄🔔❤️

अर्थ: गाय-बैलों को नहलाएँ, उन्हें हार और घंटी पहनाएँ। उन्हें गुड़-चना खिलाएँ और उनकी पूजा करें।

चरण 4:
अन्नकूट का प्रसाद,
सबमें बाँटें प्यार।
प्रकृति का करें सम्मान,
यही है संस्कार। 🍲🤝🌍

अर्थ: अन्नकूट का प्रसाद सबमें प्यार से बाँटें। प्रकृति का सम्मान करें, यही हमारा संस्कार है।

चरण 5:
कृष्ण ने उठाया पर्वत,
इंद्र के कोप से बचाया।
गोकुलवासियों की रक्षा,
अपनी लीलाएँ दिखलाया। 👶🗻🌧�

अर्थ: कृष्ण ने पर्वत उठाया और इंद्र के क्रोध से बचाया। उन्होंने गोकुलवासियों की रक्षा करके अपनी लीलाएँ दिखलाईं।

चरण 6:
प्रकृति में ईश्वर का वास,
यही संदेश है पावन।
सब जीवों से प्रेम करो,
यही है जीवन का ज्ञान। 🌳🕉�❤️

अर्थ: प्रकृति में ईश्वर का वास है, यही पवित्र संदेश है। सभी जीवों से प्रेम करो, यही जीवन का ज्ञान है।

चरण 7:
मुबारक हो यह पर्व,
ले प्रणाम गोवर्धन को बार-बार।
कृष्ण की कृपा बनी रहे,
सब पर होवे उपकार। 🥳🙏🌟

अर्थ: यह पर्व मुबारक हो, हम बार-बार गोवर्धन को प्रणाम करते हैं। कृष्ण की कृपा सब पर बनी रहे और सब पर उपकार हो।

--अतुल परब
--दिनांक-22.10.2025-बुधवार.
===========================================