👑 सरसेनापती संताजी घोरपड़े जयंती:'सरसेनापती का शौर्यगान' 🌸

Started by Atul Kaviraje, October 24, 2025, 11:19:02 AM

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Atul Kaviraje

👑 सरसेनापती संताजी घोरपड़े जयंती: शौर्य, स्वाभिमान और स्वराज का महानायक 🦁

🌸 हिंदी कविता: 'सरसेनापती का शौर्यगान' 🌸

एक सुंदर अर्थपूर्ण सीधीसादी सरल तुकबंदी के साथ

चरण   कविता (04 पंक्तियाँ)   हिंदी अर्थ

01   संताजी घोरपड़े नाम महान, (👑)
शौर्य, वीरता का किया गान। (⚔️)
संभाजी की ज्योति न बुझने दी, (🕯�)
स्वराज्य का रक्षक, हिन्द का मान। (🇮🇳)   संताजी घोरपड़े का नाम बहुत महान है, जिन्होंने शौर्य और वीरता की कहानी लिखी। उन्होंने संभाजी महाराज की मशाल को बुझने नहीं दिया, वे स्वराज्य के रक्षक और भारत का गौरव हैं।

02   गनिमी कावा के वे उस्ताद, (🐎)
मुगलों की थी उन पर फ़रियाद। (😫)
हवा से तेज उनका घोड़ा, (💨)
औरंगज़ेब भी था बर्बाद। (🔥)   वे गनिमी कावा (गुरिल्ला युद्ध) के महान गुरु थे, मुग़ल सेना उनसे त्रस्त थी। उनका घोड़ा हवा से भी तेज भागता था, जिसके कारण औरंगज़ेब भी परेशान हो गया था।

03   धनाजी संग जोड़ी उनकी, (🤝)
वीर मराठों की शान बन चुकी। (🚩)
जिंजी तक राजाराम को पहुँचाया, (👑)
हर विपदा की राह रुकी। (🚫)   धनाजी जाधव के साथ उनकी जोड़ी, वीर मराठों का गौरव बन चुकी थी। उन्होंने छत्रपती राजाराम को सुरक्षित जिंजी तक पहुँचाया, जिससे हर मुसीबत का रास्ता बंद हो गया।

04   तम्बू उखाड़ा बादशाह का, (⛺)
तोड़ दिया अभिमान जहाँ का। (💔)
ममलकतमदार की उपाधि पाई, (🏆)
शौर्य कथाएँ हर दिशा में छाई। (📣)   उन्होंने मुग़ल बादशाह के तंबू को उखाड़ दिया और उसका अहंकार चूर कर दिया। उन्हें 'ममलकतमदार' की उपाधि मिली, और उनकी वीरता की कहानियाँ हर दिशा में फैल गईं।

05   कार्तिक द्वितीया पावन पर्व, (💖)
नमन करो, ये राष्ट्र का गर्व। (🙏)
भाई दूज का बंधन जोड़ो, (👨�👩�👧�👦)
शौर्य भाव को मन में भरो। (💪)   कार्तिक द्वितीया का यह पवित्र त्योहार है, उन्हें नमन करो, वे राष्ट्र का अभिमान हैं। भाई दूज का रिश्ता जोड़ो और अपने मन में वीरता का भाव भरो।

06   कठिन समय में साहस दिखाया, (🦁)
मराठा धर्म को नहीं झुकाया। (🪷)
देशभक्ति का पाठ पढ़ाया, (📚)
इतिहास में अमर नाम बनाया। (🌟)   उन्होंने कठिन समय में भी हिम्मत दिखाई, और मराठा धर्म को झुकने नहीं दिया। उन्होंने देशभक्ति का पाठ पढ़ाया और इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया।

07   आज जयंती पर करते वंदन, (💐)
चरणों में अर्पित करते चंदन। ( चंदन)
ऐसे वीर को कोटि प्रणाम, (🙇)
जिनके कारण अमर है यह धाम। (🏡)   आज उनकी जयंती पर हम उन्हें नमस्कार करते हैं, उनके चरणों में चंदन अर्पित करते हैं। ऐसे वीर को करोड़ों बार प्रणाम, जिनके कारण यह देश अमर है।

--अतुल परब
--दिनांक-23.10.2025-गुरुवार.
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