🐑 बाबीरदेव यात्रा:'बाबीरदेव का आह्वान' 🌸

Started by Atul Kaviraje, October 24, 2025, 11:19:54 AM

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Atul Kaviraje

🐑 बाबीरदेव यात्रा: शेंडेची वाडी-हिंगणगाँव (फलटण) - धनगर समाज का शक्तिपीठ 🐐

🌸 हिंदी कविता: 'बाबीरदेव का आह्वान' 🌸

चरण   कविता (04 पंक्तियाँ)   हिंदी अर्थ

01   शेंडेची वाडी में लगी भीड़, (🏡)
बाबीरदेव की अद्भुत खीर। (🍚)
धनगर समाज का रक्षक देव, (🐑)
मल्हार रूप में करता सेव। (🔱)   शेंडेची वाडी में भक्तों की भीड़ जमा हो गई है, जहाँ बाबीरदेव का स्वादिष्ट प्रसाद (खीर) बँट रहा है। वे धनगर समाज के रक्षक देवता हैं, जो मल्हार (खंडोबा) के रूप में सेवा करते हैं।

02   काठी लेकर सब भक्त चले, (🦯)
मन में भक्ति के फूल खिले। (🌸)
यळकोट-यळकोट की गूंज उठी, (📣)
सारी विपदाएँ यहाँ हटी। (🚫)   काठी (पूजा का डंडा) लेकर सभी भक्त चल पड़े हैं, उनके मन में भक्ति के फूल खिले हैं। 'यळकोट-यळकोट' (जय मल्हार) की आवाज़ गूँज रही है, और सारी मुसीबतें यहाँ से दूर हो गई हैं।

03   भेड़-बकरियों को दिया आशीष, (🐏)
धन-धान्य की हो बारिश। (🌧�)
प्रकृति का वे मान सिखाते, (🌳)
जीवन का हर ज्ञान बताते। (💡)   उन्होंने भेड़-बकरियों को आशीर्वाद दिया, जिससे धन और समृद्धि की वर्षा हो। वे प्रकृति का सम्मान करना सिखाते हैं और जीवन का हर महत्वपूर्ण ज्ञान बताते हैं।

04   एकजुट होकर सब आते हैं, (🤝)
प्रेम और भाईचारा पाते हैं। (🧡)
महाप्रसाद का भोजन करते, (🍽�)
समरसता का पाठ पढ़ते। (🧑�🤝�🧑)   सभी भक्त एक साथ मिलकर आते हैं, और आपस में प्रेम और भाईचारा प्राप्त करते हैं। वे महाप्रसाद का भोजन करते हैं, जिससे सामाजिक समरसता का पाठ सीखते हैं।

05   ढोल-ताशों की धुन प्यारी, (🥁)
नाच रहे हैं सब नर-नारी। (🕺)
धनगरी गजा का रंग जमे, (🎨)
लोक-संस्कृति का गौरव न दबे। (🌟)   ढोल और ताशों की मधुर ध्वनि बज रही है, सभी पुरुष और महिलाएँ नृत्य कर रहे हैं। धनगरी गजा नृत्य का रंग जम रहा है, जिससे लोक-संस्कृति का गौरव बना रहे।

06   वीर कथाएँ बच्चे सुनते, (📖)
अपने पुरखों को वे चुनते। ( ancestral)
सादगी का जीवन अपनाओ, (🌱)
अपने कर्म से नाम कमाओ। (🔑)   बच्चे वीर गाथाएँ सुनते हैं, और अपने पूर्वजों के मूल्यों को चुनते हैं। वे सादगी भरा जीवन अपनाने और अपने कर्मों से नाम कमाने का संदेश देते हैं।

07   आज गुरुवर का है ये दिन, (🗓�)
बाबीरदेव की भक्ति में लीन। (🧘)
मंगल हो इस पावन धाम का, (🏡)
जाप हो हर पल उनके नाम का। (🙏)   आज गुरुवार का यह शुभ दिन है, जहाँ सब बाबीरदेव की भक्ति में डूबे हैं। इस पवित्र धाम का कल्याण हो, और हर पल उनके नाम का जाप हो।

--अतुल परब
--दिनांक-23.10.2025-गुरुवार.
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