"शुभ संध्या, शनिवार मुबारक हो"🌄 पहाड़ों के पीछे डूबते सूरज के साथ चमकता आसमान

Started by Atul Kaviraje, October 25, 2025, 09:50:04 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ संध्या, शनिवार मुबारक हो"

पहाड़ों के पीछे डूबते सूरज के साथ चमकता आसमान

🌄 पहाड़ों के पीछे डूबते सूरज के साथ चमकता आसमान 🏞�

लाल रोशनी का शिखर

पहाड़ों के पीछे सूरज ढलने पर चमकता आसमान

चरण (Stanza) | हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)
I

विशालकाय पर्वत चुपचाप, छायादार पंक्तियों में खड़े हैं,
एक बैंगनी आवरण जहाँ रोज़ की चमक जाती है.
ऊपर आसमान आग के रंग में जल उठता है,
एक नया प्रकाश से रंगा हुआ कैनवस.

II

एक शानदार गोला, सूरज नीचे गिरने लगता है,
पर्वत की दीवार पर अपनी महिमा त्यागता है.
वह सोना और खुबानी और गुलाब के रंग बिखेरता है,
जहाँ से घटती गर्मी घाटी की ओर बहती है.

III

चोटियाँ तेज और स्याहीदार काली हैं,
अब हरी नहीं, कोई वापसी नहीं है.
वे प्रकाश का मुकुट, मजबूत और विशाल पहनती हैं,
एक ऐसी याद जो हमेशा के लिए रहने के लिए बनी है.

IV

चोटियों की ऊँचाई पर हल्की बैंगनी धुंध इकट्ठा होती है,
चमक से रात की ओर संक्रमण होता है.
हवा स्थिर हो जाती है, पूरे भूभाग पर एक खामोशी छा जाती है,
जैसे दिन किसी हाथ के मार्गदर्शन में समर्पण करता है.

V

चमकीले नारंगी से लेकर गहरे बैंगनी शेड तक,
एक उत्कृष्ट कृति जो शाम ने प्रदर्शित की है.
इस शानदार दृश्य में दुनिया थम जाती है,
तारों और ठंडी रात की ओस के लिए तैयारी करती है.

VI

एक अकेला तारा, जो सबसे पहले चमकता है,
एक शांति को दर्शाता है जो पूरी तरह से मेरी है.
पश्चिम की चमकते अंगारे बाकी रहते हैं,
दिन की विदाई और उसके दर्द को शांत करने के लिए.

VII

अब गोधूलि गहरी होती है, नरम और मखमली धूसर,
पर्वत आने वाले दिन तक सोते हैं.
हम इस छवि को, शांत और इतना स्पष्ट, दिल में रखते हैं,
जब तक अगला शानदार सूर्यास्त यहाँ नहीं आता.

📸 (Picture Placeholder: A wide, panoramic view of tall, dark mountain silhouettes (inky black) against a sky that is blazing with colors of gold, fiery orange, and deep violet/purple. The first star is faintly visible.)

--अतुल परब
--दिनांक-25.10.2025-शनिवार.
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