"सुप्रभात, रविवार मुबारक हो"-☕ एक मग में गर्माहट और आराम 🧶

Started by Atul Kaviraje, October 26, 2025, 09:51:59 PM

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Atul Kaviraje

"सुप्रभात, रविवार मुबारक हो"

एक कप चाय और एक आरामदायक कंबल

☕ एक मग में गर्माहट और आराम 🧶

चरण १
शाम की ठंडक रेंगना करे शुरू,
जबकि व्यस्त दिन का शोर सो जाए, यह है गुरु।
हवा में है एक हल्की सी ठंड,
आरामदायक देखभाल का यह है एक आदर्श खंड।

चरण २
मेरी उँगलियाँ मग के चारों ओर लिपटी,
एक तरल गर्माहट, एक कोमल झपटी। (भाव: आलिंगन)
भाप घुमावदार सफेदी में ऊपर उठे,
रात की शांति शुरू करने के लिए, आगे बढ़े।

चरण ३
कंबल नरम, एक बुना हुआ दोस्त महान,
शांतिपूर्ण समय पर मैं कर सकता हूँ ध्यान। (भाव: भरोसा)
मैं ऊन को अपनी ठोड़ी तक खींचता हूँ,
और गहरी संतुष्टि को महसूसता हूँ।

चरण ४
चाय बनाई गई, एक सुनहरा भूरा रंग,
शहर में सबसे मीठा स्वाद, यह है ढंग।
हर घूंट के साथ, एक शांत करने वाली गरमी,
एक क्षण वास्तव में शुद्ध और मीठा, भरमी। (भाव: सुखदायक)

चरण ५
कोई जल्दी करने की ज़रूरत नहीं, कहीं जाने की नहीं,
बस आग की हल्की चमक देखना यहीं।
बाहर की दुनिया इंतजार करे और थमे,
जबकि मैं अपने सरल नियमों का पालन करूँ, न डरे।

चरण ६
आरामदायक धागे, सुगंधित भाप,
एक जागता हुआ सपना बनाने को माप।
एक साधारण खुशी, स्पष्ट रूप से देखी गई,
इस शांत समय को शांत बनाती गई।

चरण ७
तो गर्मी को अपनी आत्मा में उतरने दो,
और इस क्षण को आपको संपूर्ण करने दो।
नरम कंबल और पसंदीदा चाय के साथ,
पूर्ण शांति पाओ और बस मुक्त हो, यह बात।

--अतुल परब
--दिनांक-26.10.2025-रविवार.
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