"शुभ संध्या,रविवार मुबारक हो" शाम को जगमगाती रोशनियों वाला एक आरामदायक घर

Started by Atul Kaviraje, October 26, 2025, 09:58:24 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ संध्या,रविवार मुबारक हो"

शाम को जगमगाती रोशनियों वाला एक आरामदायक घर

🏡 शाम को जगमगाती रोशनियों वाला एक आरामदायक घर ✨

गोधूलि बेला का लालटेन

शाम में रोशनी से जगमगाता, एक आरामदायक घर

I

गली फीके नीले रंग के नीचे शांत है,
शाम की हल्की ठंडक बस रही है.
लेकिन देखो! एक खिड़की एक ऐसी गर्मजोशी को थामे है,
जो घिरती रात में चमकता हुआ एक आश्रय है.

II

रसोई के अंदर एक पीला दीपक चमकता है,
जो परछाइयों को शांत सपनों में बदलता है.
पर्दे खींचे हुए हैं, एक नरम और दोस्ताना आवरण,
जो उन रहस्यों की रक्षा करता है जो घंटे बताते हैं.

III

बरामदे की रोशनी एक स्वागत योग्य, गोल घेरा बनाती है,
उस दुनिया के विपरीत जो अंधेरी और ठंडी हो रही है.
यह श्रम और गति से आराम का संकेत देता है,
उस जगह पर एक शांत, जमा हुआ मुस्कान.

IV

शायद अँगीठी में आग धीरे-धीरे सुलग रही है,
शांत और देर से आए इस पहर का जश्न मनाने के लिए.
रात के खाने की महक हवा में ठहरती है,
एक सरल आराम जिसे दिल को थाम लेना चाहिए.

V

सुनहरी चमक बाहरी उदासी को चुनौती देती है,
और कमरे की चुप्पी को दूर भगाती है.
यह हँसी, खुली रखी किताबों के बारे में बताती है,
उन शांतिपूर्ण पलों के बारे में जहाँ परिवार छिप जाता है.

VI

ज़मीन पर गिरे एक गर्म तारे की तरह,
एक कोमल, मानवीय संगीत वहाँ पाया जा सकता है.
यह जलता हुआ दीपक, खोए हुओं के लिए एक रोशनी है,
हर संघर्ष का बदला चुकाता है, कीमत की गिनती करता है.

VII

रात उतरती है, पूर्ण और गहरी काली,
फिर भी यह छोटी सी चमक अपनी पवित्र निशानी रखती है.
लकड़ी, गर्मी और कृपा से बना एक आश्रय,
सबसे दयालु, सबसे आमंत्रित, शांत स्थान.

📸 (Picture Placeholder: A simple, two-story house at dusk. All the windows are glowing with a warm, yellow-orange light. A light on the front porch casts a small circle of brightness on the lawn. The surrounding trees and sky are a deep, tranquil blue-grey.)

--अतुल परब
--दिनांक-26.10.2025-रविवार.
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