"शुभ रात्रि, रविवार मुबारक हो"पेड़ों के बीच से चाँदनी छनकर आती एक शांत जंगल

Started by Atul Kaviraje, October 26, 2025, 10:01:16 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ रात्रि, रविवार मुबारक हो"

पेड़ों के बीच से छनकर आती चाँदनी वाला एक शांत जंगल

🌲 पेड़ों के बीच से छनकर आती चाँदनी वाला एक शांत जंगल

🌕 जंगल में चाँदी जैसा सन्नाटा

पेड़ों के बीच से चाँदनी छनकर आती एक शांत जंगल

चरण (Stanza)   हिंदी अनुवाद (Hindi Translation)

I   महान पेड़ रात के पहरेदारों की तरह खड़े हैं, → दिन की सभी भूली हुई रोशनी को सोख रहे हैं. → पत्तों के फर्श के नीचे रास्ता खो जाता है, → जहाँ शांत रहस्य हमेशा के लिए निवास करते हैं.

II   घनी पत्तियों के ऊपर, चाँद दिखाई देता है, → सभी छायाओं और डर को दूर करता है. → यह एक हल्का और दीप्तिमान चमक बिखेरता है, → पूरे जंगल को एक सपने में बदल देता है.

III   चाँदी की रोशनी धूल भरी किरणों में नीचे उतरती है, → हर उस जगह से जहाँ उलझी हुई शाखाएँ छूती हैं. → यह पेड़ों के तनों को प्रेत जैसी सफेद पट्टियों से रंगता है, → जो अँधेरे और रोशनी से पैदा हुआ एक जादू है.

IV   जंगल एक गहरी और कस्तूरी जैसी आह भरता है, → जबकि चौकस प्राणी धीरे से भटकते हैं. → कोई आवाज़ कठोर नहीं, कोई हलचल तेज़ और साहसी नहीं, → बस प्राचीन चुप्पी खुलने का इंतजार कर रही है.

V   ज़मीन पर काईदार पत्थर और फ़र्न, → बिना किसी आवाज़ के धीरे से रेखांकित होते हैं. → दुनिया भूरे रंग के एक ही रंग में बदल जाती है, → जहाँ रहस्यमय दर्शन अब खेलने के लिए बाहर आते हैं.

VI   घुमावदार नाला चंद्र मोती (Lunar Pearl) को दर्शाता है, → एक शांत भँवर में एक चांदी का रिबन. → यह अपने बहाव पर स्थिरता की कहानियाँ ले जाता है, → जहाँ केवल कोमल, शांत पानी बहता है.

VII   हम उस शांति को महसूस करते हैं जिसे प्राचीन जंगल रखता है, → एक मरहम जो आत्मा को तब शांत करता है जब प्रकृति सोती है. → यह चांदी की शांति अंदर गहराई से बस जाती है, → जहाँ जीवन का सच्चा अर्थ निवास कर सकता है.

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A peaceful, dark forest interior at night. The dense trees create deep shadows, but bright, soft beams of moonlight (silver light) cut through the gaps in the leaves, highlighting patches of mossy ground and the smooth bark of the trees.

--अतुल परब
--दिनांक-26.10.2025-रविवार.
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