🚩 भवानी रथोत्सव:'आई तुळजा भवानीच्या नावानं चांगभलं!'“भवानी का रथ चला” 🌸-

Started by Atul Kaviraje, October 27, 2025, 10:47:34 AM

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Atul Kaviraje

🚩 भवानी रथोत्सव: पाचवड (खटाव) - शक्ति, भक्ति और परम्परा का महान पर्व 🏹

'आई तुळजा भवानीच्या नावानं चांगभलं!'

🌸 हिंदी कविता: "भवानी का रथ चला" 🌸-

चरण   कविता   अर्थ

01   पाचवड में आज पर्व महान, (🏡)
भवानी माँ का हो गुणगान। (🔱)
खटाव तालुका भक्ति में डूबा, (🏞�)
रथोत्सव का हुआ है शुभा। (🎊)   पाचवड गाँव में आज महान पर्व है, जहाँ भवानी माँ की स्तुति हो रही है। खटाव तालुका भक्ति में लीन है, रथोत्सव का शुभ आरंभ हुआ है।

02   शक्ति स्वरूप माँ भवानी, (⚔️)
जिनकी महिमा सबने जानी। (🌟)
राजा-रानी से भी है महान, (👑)
देतीं भक्तों को जीवन दान। (💖)   माँ भवानी शक्ति का स्वरूप हैं, जिनकी महिमा को सब जानते हैं। वे राजा-रानी से भी महान हैं, और भक्तों को जीवन का दान देती हैं।

03   रथ सुंदर साजा है आज, (🎁)
जैसे हो देवी का राज। (🏰)
रस्सों से सब मिलकर खींचें, (🔗)
भक्ति की शक्ति से सब जीतें। (💪)   रथ आज सुंदर सजाया गया है, जैसे देवी का साम्राज्य हो। रस्सियों से सब मिलकर रथ खींचते हैं, भक्ति की शक्ति से वे सब कुछ जीत लेते हैं।

04   कुमकुम की वर्षा हो रही, (🔴)
आरती की ज्योति जग रही। (🪔)
ढोल-ताशे का नाद गूँजे, (🥁)
मन भवानी के चरणों में पूजे। (🧘)   कुमकुम की बारिश हो रही है, आरती का दीपक जल रहा है। ढोल-ताशे की ध्वनि गूँज रही है, और मन भवानी के चरणों की पूजा कर रहा है।

05   नहीं कोई छोटा या बड़ा, (🤝)
सबने समरसता का पाठ पढ़ा। (🧡)
महाप्रसाद का बँटा है भोग, (🍚)
दूर हुआ समाज का हर रोग। (🫂)   यहाँ कोई छोटा या बड़ा नहीं है, सबने समानता का सबक सीखा है। सामुदायिक भोजन (महाप्रसाद) का प्रसाद बँटा है, जिससे समाज का हर कष्ट दूर हो गया है।

06   शुक्रवार का शुभ है ये दिन, (🗓�)
भक्ति में डूबा हर एक जन। (💖)
आशीर्वाद से जीवन सफल, (✨)
मन में न हो कोई छल। (✅)   आज शुक्रवार का शुभ दिन है, हर व्यक्ति भक्ति में डूबा हुआ है। देवी के आशीर्वाद से जीवन सफल होता है, और मन में कोई कपट नहीं रहता।

07   भवानी रथोत्सव है न्यारा, (🎉)
पावन हुआ पाचवड सारा। (🏡)
देवी की जय-जयकार हो, (📣)
सुख-शांति का विस्तार हो। (🕊�)   भवानी का रथोत्सव अद्भुत है, पूरा पाचवड गाँव पवित्र हो गया है। देवी की जय-जयकार हो, और सुख-शांति का फैलाव हो।

--अतुल परब
--दिनांक-24.10.2025-शुक्रवार.
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