🛠️ कड पंचमी:-💰 'शिल्पम सर्वार्थ साधकम्' -'कड पंचमी की पुकार' 🌸

Started by Atul Kaviraje, October 27, 2025, 11:24:56 AM

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Atul Kaviraje

🛠� कड पंचमी: शिल्पकारों का सम्मान, व्यापार की समृद्धि और सौभाग्य का पर्व-

💰 'शिल्पम सर्वार्थ साधकम्' - शिल्प ही सभी उद्देश्यों को सिद्ध करने वाला है।

🌸 हिंदी कविता: 'कड पंचमी की पुकार' 🌸

01
कार्तिक की पंचमी आई, (🗓�)
'कड पंचमी' की धूम है छाई। (🏡)
कारीगरों का यह दिन महान, (🛠�)
श्रम और शिल्प का है सम्मान। (🙏)

02
औज़ारों को आज नमन, (⚙️)
जिनसे चलता सबका जीवन। (💫)
माथे पर तिलक है सुहाया, (✨)
पुष्पों से उनको सजाया। (💐)

03
'लाभ पंचमी' नाम भी इसका, (💰)
व्यापार में हो वृद्धि किसका। (📈)
नया खाता आज खोलें, (💼)
श्री गणेश के जयकारे बोलें। (🐘)

04
लक्ष्मी-गणेश का हो वास, (🪷)
हर इच्छा होवे पूरी खास। (💖)
गुड़, मिश्री का भोग लगाएँ, (🍬)
सब मिलजुल कर खुशी मनाएँ। (🤝)

05
जैनों की 'ज्ञान पंचमी' भी, (💡)
विद्या का होवे विस्तार तभी। (📖)
ज्ञान, कला की हो पूजा, (🧠)
जीवन में ना रहे दूजा। (🧘)

06 कर्मचारी को दें सम्मान, (🧑�🤝�🧑) स्नेह-प्रेम से करें दान। (🎁)
सद्भाव का बंधन निभाएँ, (🧡) सब मिलकर आगे बढ़ जाएँ। (🚀)

कर्मचारियों को सम्मान दें, प्रेम और स्नेह से उपहार दें।
सद्भाव के बंधन को निभाएँ, और सब मिलकर जीवन में आगे बढ़ें।

07 आज दिवाली का समापन, (🔚) होवे जीवन में सुख का पन। (🎉)
'कड पंचमी' का पर्व महान, (🌟) करता सब कष्टों का दान। (💫)

आज दिवाली उत्सव का समापन है, जीवन में सुख-शांति का विस्तार हो।
'कड पंचमी' का यह महान पर्व, सभी दुःखों का नाश करता है।

--अतुल परब
--दिनांक-26.10.2025-रविवार.
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