🧠 ज्ञान पंचमी (जैन):-'ज्ञानम् हि मोक्षस्य कारणम्' -'ज्ञान की ज्योति' 🌸

Started by Atul Kaviraje, October 27, 2025, 11:25:53 AM

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Atul Kaviraje

🧠 ज्ञान पंचमी (जैन): आत्म-ज्ञान की आराधना का महापर्व 🧘-

'ज्ञानम् हि मोक्षस्य कारणम्' - ज्ञान ही मोक्ष का कारण है।

🌸 हिंदी कविता: 'ज्ञान की ज्योति' 🌸

01
कार्तिक शुक्ल पंचमी आई, (🗓�)
'ज्ञान पंचमी' की धूम है छाई। (🏡)
जैन धर्म का पर्व महान, (🙏)
ज्ञान, विद्या का है सम्मान। (💡)

02
पुस्तकें आज पूजी जाती, (📖)
जिनवाणी माता मन भाती। (🪷)
वस्त्रों से उनको सजाएँ, (✨)
जीवन में निर्मलता लाएँ। (😇)

03
मौन रखें, स्वाध्याय करें, (🤫)
ज्ञानावरणीय कर्म हरें। (🧘)
ज्ञान है मोक्ष का कारण, (🔑)
मिटे अज्ञान का आवरण। (🧠)

04
गुरुओं का वंदन होवे, (👨�🏫)
ज्ञान का भंडार भरें। (📚)
विद्या का दान हम करें, (🎁)
सब का जीवन सफल करें। (💖)

05
रत्नत्रय को हृदय में धारें, (💎)
आत्मा के दर्शन सँवारें। (🕊�)
सम्यक् ज्ञान की हो लगन, (🎯)
शुद्ध होवे हमारा मन। (💫)

व्याख्या:
हम रत्नत्रय (सम्यक् दर्शन, ज्ञान, चरित्र) को हृदय में धारण करें, और आत्मा के स्वरूप को जानें। हमें शुद्ध ज्ञान की तीव्र इच्छा हो, जिससे हमारा मन पवित्र हो जाए।

06
तप और उपवास का बल, (fasting_person)
दूर करे जीवन का छल। (🚫)
एकाग्र हो ध्यान लगाएँ, (🤔)
केवल ज्ञान को अपनाएँ। (💡)

व्याख्या:
तपस्या और उपवास की शक्ति, जीवन के छल (दोष) को दूर करे। हम एकाग्र होकर ध्यान लगाएँ, और केवल ज्ञान (सर्वज्ञता) को प्राप्त करें।

07
आज दिवाली का समापन, (🔚)
होवे ज्ञान-ज्योति का पन। (🌟)
'ज्ञान पंचमी' का पर्व सार, (🕉�)
करे जीवन का उद्धार। (🚀)

व्याख्या:
आज दिवाली उत्सव का समापन है, ज्ञान रूपी ज्योति का विस्तार हो। 'ज्ञान पंचमी' का पर्व जीवन का सार है, जो जीवन का उद्धार करता है।

--अतुल परब
--दिनांक-26.10.2025-रविवार.
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