"शुभ रात्रि, सोमवार मुबारक हो"-झील पर चाँद का दर्पण 🌕💧🌌 शांत रात्रीची गोडी

Started by Atul Kaviraje, October 27, 2025, 09:17:28 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ रात्रि, सोमवार मुबारक हो"

रात में एक शांत झील पर चाँद का प्रतिबिंब

झील पर चंद्र दर्पण 🌕💧

(रात में एक शांत झील पर चंद्रमा का प्रतिबिंब)

शीर्षक: झील पर चाँद का दर्पण 🌕💧

🌌 शांत रात्रीची गोडी (Calm Night Serenity – )

चरण १

रात ने दुनिया को गहरे में लपेट लिया है,
जबकि सभी शोरगुल वाले जीव सोते हैं। 🌙
झील शांत पड़ी है, एक मखमली काला,
चाँद का रास्ता देखने का इंतजार करते हुए। 🖤

चरण २

चाँद ऊँचा चढ़ता है, एक चाँदी का गोला,
उसका कोमल प्रकाश झाँकने लगता है। ✨
यह पानी को ठंडा और साफ़ पाता है,
और शांत डर को दूर भगाता है। 🤫

चरण ३

एक उत्तम वृत्त, उज्जवल चमकता हुआ,
शांत रात में प्रतिबिंबित होता है। ⚪
एक भूतिया चमक, एक चाँदी की धारा,
जीवन जितनी वास्तविक, सपने जितनी कोमल। 🌌

चरण ४

ऊपर के तारे, बिखरी हुई धूल की तरह,
विश्वास के साथ अपनी छवि को दर्शाते हैं। 🌟
पानी विशाल नीले आकाश को थामता है,
हर आँख के लिए एक शांत नज़ारा। 💙

चरण ५

हवा का झोंका नहीं, कोई लहर नहीं हिलती,
पानी शांत सच्चाई साबित करता है। 🧘�♀️
झील दूसरा चाँद बन जाती है,
एक प्यारा जादू, अभी और जल्द ही। 💖

चरण ६

पेड़ पास खड़े हैं, एक चौकस रक्षक,
शांत दृश्य को बेदाग रखने के लिए। 🌳
चाँद का प्रतिबिंब, लंबा और धीमा,
एक चाँदी का रहस्य, नरम और हल्का। 🤍

चरण ७

हम ठंडक में साँस लेते हैं, विस्मय में खड़े होते हैं,
प्रकृति के इस नियम के दर्शन के सामने। 🙏
दर्पण तब तक चमकता है जब तक प्रकाश,
सुबह को, ताज़ा और उज्जवल होने का रास्ता नहीं देता। 🌄

--अतुल परब
--दिनांक-27.10.2025-सोमवार. 
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