"सुप्रभात, मंगलवार मुबारक हो"-भोर का सुनहरा मुकुट 🏔️☀️

Started by Atul Kaviraje, October 28, 2025, 08:55:23 PM

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Atul Kaviraje

"सुप्रभात, मंगलवार मुबारक हो"

सुबह की रोशनी में नहाया एक पर्वत शिखर

भोर का सुनहरा मुकुट 🏔�☀️

(सुबह की रोशनी में नहाया हुआ एक पर्वत शिखर)

शीर्षक: भोर का सुनहरा मुकुट 🏔�☀️

चरण १
नींद में डूबी घाटियाँ नीचे हैं,
जहाँ परछाइयाँ अभी भी धीरे बहती हैं। 🏞�
पर धुंधली रेखा से बहुत ऊपर,
पर्वत दिव्य प्रकाश की प्रतीक्षा करता है। ✨

चरण २
पहली और सबसे चमकीली किरण,
दिन के आगमन की करती है घोषणा। 💖
यह कोमल सुन्दरता से ढलान पर चढ़ती है,
शिखर के भव्य चेहरे को छूने को बढ़ती है। 🌞

चरण ३
गुलाब और सोने की अचानक लाली,
बहादुर आँखों के लिए यह एक अनोखी थाली। 🌟
शिखर अचानक तेज़ आग पकड़ लेता है,
और रात के लम्बे पहरे से जाग उठता है। 🔥

चरण ४
बर्फ इतने गर्म रंगों में रंगी है,
ठंडी आँधी से बची हुई, यह शांत घड़ी है। 🤍
ऊँचाई पर एक सुनहरा मुकुट,
एक मशाल जो चमकती है, शुद्ध और अद्भुत। 👑

चरण ५
नीचे, दुनिया अभी भी अंधेरी और धूसर है,
पूरे दिन के प्रकाश की राह देखती है। 🌫�
पर शिखर पर, वह नज़ारा हो चुका है,
सूरज के साथ एक निजी मिलन रुका है। 🤝

चरण ६
यह शांत महिमा, स्पष्ट और विशाल,
एक पल जो बहुत जल्दी हो गया कमाल। 🕰�
यह दिल को एक संदेश भेजता है,
उस शक्ति पर, जो कभी सच में झुकती नहीं है। 💪

चरण ७
प्रकाश दूर घाटियों में उतरता है,
पर शिखर पर, उसकी यादें बसती हैं। 🙏
पर्वत धूप की शक्ति में खड़ा है,
सुबह के समय का परिपूर्ण दर्शन, यह सच है। 🌄

--अतुल परब
--दिनांक-28.10.2025-मंगळवार.
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