"शुभ दोपहर, मंगलवार मुबारक हो"-पार्क में हँसी की गूँज 🌳😂

Started by Atul Kaviraje, October 28, 2025, 08:59:22 PM

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Atul Kaviraje

"शुभ दोपहर, मंगलवार मुबारक हो"

पार्क में दोस्तों का एक समूह हँस रहा है

पार्क में हँसी की गूँज 🌳😂

(पार्क में एक साथ हँसते हुए दोस्तों का एक समूह)

शीर्षक: पार्क में हँसी की गूँज 🌳😂

चरण १
हरे और छायादार पेड़ के नीचे,
सबके देखने के लिए एक खुशी का नज़ारा। 🌳
खुश आत्माओं का एक उज्जवल घेरा,
घड़ियों और समय के नियंत्रण की अनदेखी करते हुए। 🕰�

चरण २
हवा हर्षित ध्वनि से भरी है,
जैसे नई और पुरानी कहानियाँ सुनाई जाती हैं। 🗣�
हँसी का एक अचानक विस्फोट, एक कोमल आह,
आँखों के भीतर परावर्तित प्रकाश। ✨

चरण ३
हर साझा और मजेदार मजाक के साथ,
दोस्ती का अटूट बंधन बोला। 🤝
कंधे पर एक मुक्का, एक समझने वाली नज़र,
जीवन की किताब में एक नया अध्याय। 📚

चरण ४
कोई चिंता उन्हें अपने वश में नहीं रखती,
वे पूरी तरह से आज के दिन में जीते हैं। ☀️
उनके चेहरे खुले आनंद से उज्जवल हैं,
एक खुश, बेफिक्र मंडली। 😄

चरण ५
पास के रास्तों पर बच्चे खेलते हैं,
जैसे सफेद बादल धीरे से तैरते हैं। ☁️
लेकिन इस केंद्र में, एक गर्म सूरज है,
एक होने का सरल आनंद। ❤️

चरण ६
वे भरोसे पर झुकते हैं, वे सुन्दरता से खड़े हैं,
हर कोई अपनी जगह पर सुरक्षित है। 🫂
वह हंसी, शुद्ध और मुक्त,
आप और मेरी सादगी का गीत। 🎶

चरण ७
सूरज उतरता है, परछाइयाँ बढ़ती हैं,
लेकिन दोस्ती की रोशनी चमकती रहती है। 💡
वे अलग होने के लिए उठते हैं, लेकिन दिल रहते हैं,
फिर से मिलने, हँसने और प्यार करने को। 🙏

--अतुल परब
--दिनांक-28.10.2025-मंगळवार.
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